भारतीय नव संवत्सर के दो दिन पूर्व रविवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने नगर में पद संचलन का आयोजन किया जो अग्रवाल सेवा संस्थान से आरंभ होकर नगर भ्रमण के पश्चात रविनगर स्थित सिंचाई कालोनी के प्रांगण में समाप्त हुआ। जहां बौद्धिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर दो बजे से आरंभ हुआ। कार्यकर्ता संघ के गणवेश में अग्रवाल सेवा संस्थान के पास एकत्र हुए। जहां सभी के हाथ में लाठी, सिर पर काली टोपी, सफेद शर्ट व खाकी पैंट पहन अनुशासन के साथ दो लाइनों में विभक्त हुए। उसके बाद पद संचलन आरंभ हुआ। सबसे आगे सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चे बैंड बाजे पर धुन बजाते हुए चल रहे थे। पद संचलन कैलाशपुरी, नई सट्टी, जीटी रोड, नगर पालिक स्कूल, कसाब महाल, लाठ नंबर दो, न्यूमहाल होते हुए रविनगर स्थित सिंचाई कालोनी में बौद्धिक गोष्ठी में तब्दील हो गई। इस दौरान मुख्य अतिथि विभाग सह कार्यवाह त्रिलोकी जी ने कहा कि आज हमारी संस्कृति विलुप्त हो रही है। इस संस्कृति को संजोए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। आने वाली पीढ़ी जिस दिशा में जा रही है। उससे सांस्कृतिक विलुप्तता का खतरा उत्पन्न हो गया है। बच्चों में संस्कृति व संस्कार समाप्त हो रहे हैं। हमें उनमें अच्छे संस्कार भरकर राष्ट्र निर्माण में लगाना चाहिए। विशिष्ट अतिथि गुलाब जी ने कहा कि भारत की संस्कृति विश्व में सबसे अव्वल है। हमारी परंपराएं एक दूसरे को बांधे रखने में सहयोग करती हैं। हमें आने वाली पीढ़ी को परंपरा और संस्कृति से अवगत कराना चाहिए। इस अवसर पर सुशील, संतोष, अनिल, शंभू, राहुल आदि उपस्थित रहे। पद संचलन में संजय अग्रवाल, राजीव गुप्ता, रमेश जायसवाल, राणाप्रताप सिंह, डा.विश्वनाथ चौहान, अखिलेश सिंह, अखिल पोद्दार, आलोक वरुण, रामजनम, राहुल जायसवाल, संतोष कुमार आदि शामिल रहे। अध्यक्षता डा.एसके तिवारी ने किया।