डॉ. आनंद तिवारी का आरोप है कि महिला आयोग की सदस्य अस्पताल से जुड़े एक प्रकरण को लेकर पहुंचीं थीं, जहां बातचीत के दौरान उन्होंने न केवल चिकित्सकीय गरिमा को ठेस पहुंचाई, बल्कि अपमानजनक भाषा का भी प्रयोग किया, गालियां दीं। चिकित्सकों का कहना है कि इस तरह का व्यवहार न सिर्फ डॉक्टरों के सम्मान के खिलाफ है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के माहौल को भी प्रभावित करता है।
घटना की जानकारी मिलते ही के.जी. नंदा हॉस्पिटल से जुड़े कई चिकित्सक, कर्मचारी और कुछ मरीज भी कोतवाली पहुंच गए। देखते ही देखते कोतवाली परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई।
चिकित्सकों ने एक स्वर में आरोप लगाया कि महिला आयोग की सदस्य ने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए दबाव बनाने की कोशिश की। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और संबंधित सदस्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। अभी कोतवाली परिसर में अधिकारियों और चिकित्सकों की बैठक चल रही है। वहीं मरीज बाहर खड़े हैं।