पड़ाव चौराहे पर जनता जाम के झाम से जूझती रही। शहर में होने वाले कार्यक्रम के चलते पांच घंटे तक यातायात रोका गया जिसके बाद वहां मौजूद दर्शनार्थियों की अलग तस्वीर सामने दिखी। कोई वापस जाता दिखा तो किसी ने सिर पर अपना बैग रख लिया। इसे व्यवस्थित करने में पुलिस वालों के पसीने छूटे।
शनिवार की दोपहर 12 बजे से पड़ाव से वाराणसी जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया। वाहनों को रोक दिए जाने से पडाव चौराहे पर भीषण जाम की स्थिति हो गई। दोपहर 12 बजे शुरू हुआ जाम शाम पांच बजे तक नहीं छूटा। जाम में फंसकर यात्री परेशान होते रहे।
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जानकारी के अनुसार काशी तमिल संगमम 03 प्रवासी सम्मेलन का उद्घाटन नमो घाट पर शाम तीन बजे होना था। भीड़ ज्यादा होने के कारण वाराणसी जाने वाले वाहनों को दोपहर 12 बजे से रोक दिया गया। वाहनों को रामनगर के रास्ते भेजा जाने लगा।
इससे स्थानीय चौराहे पर जाम लग गया। इससे वाराणसी काशी विश्वनाथ के दर्शन करने जाने वालों के साथ ही शव लेकर मर्णिकर्णिका घाट जाने वाले वाहन, एंबुलेंस, स्कूली बस आदि भी फंस गए। बड़ी संख्या में लोग ट्रेन पर सवार होने और फ्लाईट पकड़ने जा रहे थे लेकिन जाम के कारण उन्हें भी परेशानी हुई।
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एक तरफ का रास्ता रोके जाने से रामनगर मार्ग पर दबाव बढ़ गया और इस पर जाम लग गया। वहीं पड़ाव से बहादुरपुर और पीडीडीयू नगर की तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी रही। शाम पांच बजे तक यही स्थिति बनी रही। जाम छूड़ाने में पुलिस को पसीने बहाने पड़े।