रेलवे के रोजाना के नये नियम यात्रियों की परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं। रेल मंत्रालय आए दिन सुविधाओं में बदलाव कर रहा है।
अगर यह कहा जाए कि यात्री सुविधाएं नहीं बढ़ रही हैं, लेकिन उनकी जेब ढीली हो रही है तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। अपनी आय बढ़ाने के चक्कर रेलवे ने यात्रियों की सुविधाओं पर ध्यान नहीं दे रहा है।
नये साल आने के पहले ही रेलवे यात्रियों की जेंबे ढीली करने में लग गया है। लगातार राजस्व में बढ़ोत्तरी के लिये नियमों में बदलाव कर उसे सख्त किया जा रहा है।
सबसे पहले रेलवे ने यात्रियों के टिकट कैंसिल कराने पर उसके टाइम के अनुसार पैसे वापस करने का नियम बना दिया है। अगर रात में टिकट कैंसिल कराना है तो उसका भुगतान सुबह किया जायेगा।
उसके बाद 12 वर्ष के बच्चों के रिजर्वेशन के आधे किराये की जगह पूरा किराया वसूलने का फरमान जारी कर दिया गया। अभी रेलवे में इसका पालन कर ही रहा है कि कंफर्म रिजर्वेशन पर ही कोच में यात्रा करने का अधिकार बना दिया।
इसमें यदि वेटिंग टिकट पर स्लीपर कोच में यात्रा पकड़े गए तो जुर्माना देना पड़ेगा। इसके बाद प्लेटफार्म टिकट का किराया 10 रुपया कर दिया गया।
अब रेलवे में तत्काल टिकट लेने के नियमों में बड़ा बदलाव कर यात्रियों के जेब ढीली किए जाने की तैयारी है। तत्काल टिकट 33 फीसदी महंगा हो गया है।
लोगों का कहना है कि अच्छे दिन का सौगात देने के साथ सत्ता में आयी भाजपा सरकार लोगों के जेब से पैसा निकालने में लगी है। यात्रियों को सुविधायें देने के बजाय उससे राजस्व बढ़ाने के लिये किराये बढ़ोत्तरी कर रही है।
आज भी लोगों को यात्रा के लिये कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है। ट्रेनों की लेटलतीफी अलग। ट्रेनों में भीड़ कम करने का कोई उपाय नहीं है।
मुगलसराय जैसे ए प्लस ग्रेड रेलवे स्टेशन पर भी आधुनिक सुविधायें दिवास्वप्न बन गयी हैं। मंडल रेल प्रबंधक विद्याभूषण का कहना है कि रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड द्वारा बनाए गए नियमों का हम लोग पालन कराते हैं।