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दुकानों पर चोरी-छिपे से बिक रहा है ‘मौत का मांझा’

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मकरसंक्रांति करीब आने के साथ जिले के बाजारों में पतंगों की दुकानें सज गई हैं। इन पर तरह-तरह परेता और मांझा बिकने लगे हैं। इनके बीच चोरी छिपे मौत का मांझा (चीनी मांझा) भी खूब बिक रहा है। प्रतिबंध के बावजूद लोग चीनी मांझा की खरीदारी कर रहे हैं। जबकि जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक इसके खिलाफ जांच तक शुरू नहीं की है।
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आसमान में इन दिनों रंग-बिरंगी पतंगें खूब उड़ रही हैं। पेच लड़ाने वाले पतंगबाज सामने वाले की पतंग काटने के लिए तरह तरह के मांझा का उपयोग कर रहे हैं। पतंगबाजों के इसी शौक के चलते बाजार में चीनी मांझे की मांग काफी बढ़ गई। हालांकि इस मांझे से पशु, पक्षियों और आम लोगों की जान पर बन आने के कारण सरकार ने इसके इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है फिर भी साधारण मांझा से सस्ता व मजबूत होने के कारण यह पतंगबाजों की पहली पसंद बना हुआ है। यही कारण है कि दुकानदार इसे चोरी छिपे बेचते हैं। जिले में पंतग व मांझे की 150 से अधिक दुकानें है। पंतगों की सबसे अधिक दुकानें पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में है। इस संबंध में सीओ सदर अनिल कुमार राय ने कहा कि चीनी मांझा बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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