मोहनिया। न्यायालय के विशेष न्यायाधीश एडीजे-9 ने नुआंव थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में संतोष साह को दोषी पाते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
दोषी संतोष साह, नुआंव के देवरिया गांव निवासी विजेंद्र साह का पुत्र है। 23 मार्च 2013 की सुबह 3:20 बजे संतोष साह ने धनेश्वरी कुंवर, के घर में घुसकर मारपीट और फायरिंग की थी। घटना के बाद पीड़ित पक्ष की शिकायत पर नुआंव थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक बालकृष्ण दुबे ने सरकार की ओर से पक्ष रखा। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने संतोष साह को दोषी ठहराते हुए धारा 307 के तहत पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 323 में एक वर्ष की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 352 में तीन वर्ष की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माना और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत पांच वर्ष का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।