पट्टे की जमीन पर कब्जे की मांग को लेकर क्षेत्र के ताजपुर गांव में
गुरुवार को भाकपा माले कार्यकर्ताओं के साथ पट्टाधारकों ने तहसील प्रशासन
की मौजूदगी में विवादित जमीन पर पार्टी का झंडा गाड़ दिया। तनाव की आशंका
पर चकिया एसडीएम रमाशंकर द्विवेदी, क्षेत्रीय लेखपाल व कानूनगो सहित कई
थानों की फोर्स वहां पहुंच गई। मौके पर पीएसी के जवान भी तैनात कर दिए गए
हैं।
गांव में पिछले आठ अप्रैल इस मुद्दे को लेकर लगातार धरना चल रहा था।
गौरतलब
है कि ताजपुर गांव में स्थित एक बीघा 19 विस्वा पट्टे की जमीन पर कब्जे की
मांग को लेकर पिछले 72 दिनों से भाकपा माले कार्यकर्ताओं का धरना गांव
में चल रहा था।
विगत 21 मई के बाद कार्यकर्ताओं का धरना क्रमिक भूख हड़ताल
में तब्दील हो गया। जिसमें क्रमवार कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर बैठते रहे।
इस दौरान धरनारत लोगों द्वारा कई बार तहसील व जिला प्रशासन से मामले को
संज्ञान में लेते हुए पट्टे की जमीन पर गरीबों को कब्जा दिलाने की गुहार
लगाई गई।
लेकिन कोई कार्रवाई न होते देख भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने
प्रशासन को 24 जून तक का समय दिया था। सभा के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने
कहा था कि यदि 24 जून तक पट्टे की जमीन पर कब्जा नहीं दिलाया गया, तो 25
जून को मार्च करते उक्त जमीन पर पार्टी का झंडा गाड़कर कब्जा कर लिया
जाएगा।
इस क्रम में गुरुवार को धरनास्थल के समीप अनिल पासवान व विजयी राम
के नेतृत्व में सभा की गई।
तत्पश्चात सैकड़ों की संख्या में लोगों ने
नारेबाजी करते हुए पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत धरनास्थल से लगभग एक
किमी दूर तक मार्च निकाला और विवादित जमीन पर पहुंचकर एक बीघा 19 विस्वा
जमीन के चारों तरफ पार्टी का झंडा गाड़ दिया और सभा की।
इस दौरान
तहसील प्रशासन मौन रहा। सभा स्थल के सामने मौजूद उपजिलाधिकारी समेत लेखपाल
और कानूनगो विवादित जमीन के नक्शे को देखते रहे।
इस दौरान चकिया
उपजिलाधिकारी रमाशंकर द्विवेदी, तहसीलदार राकेश सिंह, नायब तहसीलदार
राजाराम, सीओ राधेश्याम कोल, चकिया कोतवाल रामप्रकट यादव, इलिया एसओ अनुराग
प्रसाद, बबुरी एसओ गुप्तेश्वर चौबे, एसआई मिथिलेश तिवारी आदि मौजूद रहे।
इस दौरान रामनिहोर, शिवाजी, विदेशी, धनराज, लल्लन दूबे, दुर्गावती देवी,
हीरावती देवी, नौरंगी, शांति देवी, रामलाल पाल समेत तमाम लोग मौजूद रहे।