शक्ति उपासना के महापर्व नवरात्र में मंगलवार को माता के आठवें स्वरूप मां गौरी की पूजा अर्चना की गई। मंगल कामना से घरों में कलश स्थापित किया गया और विधि विधान से मां मंगला गौरी की शोडषोपचार विधि से पूजन अर्चन कर मंगल की कामना की गई। वहीं तिथियों के हेर फेर की वजह से कई स्थानों पर नवमी मनाई गई। घरों में कन्या पूजन कर भोजन कराया गया। वहीं देवी मंदिरों पर महाष्टमी पर भक्तों की भीड़ उमड़ी और दिन भर माता के जयकारे गूंजते रहे।
सुबह से मां गौरी की पूजा अर्चना की तैयारी शुरू हो गई थी। सुबह से ही देवी मंदिरों पर भक्तों की कतार लगी। यहां मेला सी स्थिति रही। यहां फूल माला, चुनरी, नारियल की दुकानें सजी। भक्तों ने कतार बद्ध होकर शोडषोपचार विधि से पूजन अर्चन किया। नगर के नई बस्ती, रविनगर, कैलाशपुरी, महमूदपुर, पराहुपुर, न्यू महाल, शाहकुटी, लाठ नंबर दो, काली महाल, चतुर्भुजपुर, जीटी रोड स्थित काली मंदिर, गल्ला मंडी, एलबीएस कटरा, आरपीएफ कालोनी, गया कालोनी, सेंट्रल कालोनी, प्लांट डिपो सहित अन्य रेलवे कालोनियों मेें स्थित देवी मंदिरों पर दिन भर भक्तों की भीड़ रही। वहीं घरों में नवमी तिथि पर हवन पूजन किया गया और कन्याओं को बुलाकर पूजन अर्चन किया और भोजन कराया। रात में घरों में कलश स्थापित की और पूरी रात मां गौरी की अाराधना की गई।