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55 हजार के कर्ज होंगे माफ

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चंद्र मोहन ‌स‌िंह
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प्रदेश सरकार ने मंगलवार को पहली बैठक में लघु और सीमांत किसानों के एक लाख तक के ऋण माफ करने का आदेश जारी कर दिया। योगी सरकार के इस फैसले से जिले के 55 हजार किसानों की बल्ले-बल्ले हो गई है। किसानों ने सरकार के इस फैसले पर खुशी जताई है ।
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  उनका कहना है कि  अब किसानों के आगे कर्ज के बोझ तले दबकर मरने की नौबत नहीं आएगी। ऋण माफ होने से किसान आगे की खेती किसानी के लिए उत्साहित हैं। जिला कृषि अधिकारी के अनुसार जिले के बैंक की विभिन्न शाखाओं से ऋण लेने वाले किसानों की संख्या 55 हजार है। जिलाधिकारी कुमार प्रशांत ने बताया कि आदेश मिलते ही बैंकों से ऋण लिए किसानों की सूची मांगी जाएगी। बताया कि ऋण माफी योजना से 90 प्रतिशत से अधिक किसान लाभान्वित होंगे।
दूसरी तरफ लोन माफ करने से प्रसन्न हिनौती उत्तरी गांव के किसान छविनाथ ने कहा कि सरकार ने ऋण माफ कर किसानों को बड़ी राहत दी है। उन्होने पचास हजार का लोन लिया था। उन्होंने कृषि उपज की सरकारी खरीद करने पर जोर दिया। हिनौती गांव के ही झलमल सिंह ने चालीस हजार लिया था। उनका कहना है कि ऋण माफी की योजना का लाभ किसानो को उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसानों के सामने उपज का उचित मूल्य न मिलना सबसे बड़ी समस्या है। इसे भी दूर करने का उपाय सरकार को करना चाहिए। शिकारगंज क्षेत्र के बोदलपुर गांव के निवासी सरदार सिंह ने 25 हजार रुपये कर्ज के रूप में लिया था। कहा कि ऋण माफी की योजना किसानों के लिए संजीवनी के समान है। नए सिरे से खेती करने में किसानों के लिए यह ऋण माफी योजना कारगर सिद्ध होगी।
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बोदलपुर गांव के ही किसान सुदामा यादव ने कहा कि ऋण माफी की योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को नए सिरे से सक्रिय होकर उपज बढ़ाने की दिशा में अग्रसर होना होगा। उन्होंने कहा कि ऋण माफी से किसानो में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। सकलडीहा तहसील के खोर गांव निवासी चंद्रमोहन सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार ने किसानों का एक लाख तक का ऋण माफ कर बढ़िया कदम उठाया है लेकिन इसकी सीमा और बढ़नी चाहिए थी। इससे छोटे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। चंदौली सदर तहसील क्षेत्र के पिपरदहां गांव निवासी किसान केदार सिंह का कहना है उन्होंने पचास हजार रुपये लोन के रूप में लिया था। अब उनको राहत मिल गई है। उनका कहना है क कि सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से किसानों को कर्ज से राहत मिलेगी। सरकार को चाहिए कि समय से फसल का उचित दाम दिला दें तो किसानों को कर्ज माफी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब भी साधन सहकारी समितियों पर किसानों के धान का लाखों रुपये बकाया है।
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