शहाबगंज। क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में क्वारंटीन सेंटर नहीं बनाए जाने के कारण बाहर से आने वाले प्रवासी श्रमिकों को ठहराने की समस्या हो रही है। मजदूरों की इस समस्या के समाधान के लिए किड़िहिरा गांव के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गांव स्थित मदरसे को क्वारंटीन सेंटर बनाने का निर्णय लिया है।
अस्पतालों में थर्मल स्क्रीनिंग कराने वाले प्रवासी मजदूरों को होम क्वारंटीन रहने की सलाह दी जा रही है। लेकिन गांव में आते ही उन्हें ग्रामीणों का विरोध झेलना पड़ रहा है। कुछ ग्राम प्रधान गांव के बाहर बने परिषदीय विद्यालयों में इनके रहने की व्यवस्था करा रहे हैं लेकिन जिन गांवों में विद्यालय नही हैं वहां काफी समस्या हो रही है। मजदूरों की इन्हीं समस्याओं को देखते हुए किड़िहिरा गांव में मदरसे को क्वारंटीन सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया है। नेशनल एंटी करप्शन अलपसंख्यक बोर्ड के जिलाध्यक्ष परवेज अली ने बताया कि बाहर से गांव में पहुंचे एक दर्जन श्रमिकों को 14 दिन तक मदरसे में क्वारंटीन करने की व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों ने मदरसे को सैनिटाइज भी करा दिया है। गांव के मुजिबुद्दीन, सद्दाम हुसैन, गुड्डू खान, अवसाद अहमद, इश्तियाक खान आदि ने सेंटर के देखभाल की जिम्मेदारी ली है।