सरस्वती के अमर साधक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व पूर्व विधायक स्व.
लोकनाथ सिंह समाज के एक सजग प्रहरी थे। इनके द्वारा लगाया बृक्ष इस समय बट
बृक्ष के समान छात्र छात्राओं को पल्लवित एवं पुष्पित कर रहा है।
ये
बातें मुख्य अतिथि के रूप में आए डॉ0 पृथ्वीनाग कुलपति महात्मा गॉघी काशी
विद्यापीठ ने क्षेत्र के लोकनाथ महाविद्यालय में आयोजित स्वतंत्रता
संग्राम सेनानी व पूर्व विधायक लोकनाथ सिंह के पुण्यतिथि पर छात्र
छात्राओं को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि लोकनायक
कर्मयोद्धा की सोच थी। इसी वजह से अपने देश गांव समाज के उत्थान के लिए
अपने जान की बाजी लगाकर स्वतंन्त्रता दिलाई और इसके बाद समाज के विकास के
लिए शिक्षा के प्रसार पर बल देते हुए कई विद्यालयों की स्थापना की।
यहां
उपस्थित छात्राओं को देख ऐसा प्रतीत होता है कि उनकी सेच काफी हद तक साकार
हुई है। कहा कि यदि एक महिला शिक्षित हेती है तो उसके माध्यम से दे परिवार
परिवार शिक्षित हो जाता है। बिना शिक्षा के समाज का उत्थान असंभव इनकी
बगिया को सिंचित कर उनके सपनों को सजोये रखना उनकी सच्ची श्रद्धांजलि
होगी। इनके आर्दश गुण को समाज आत्मसात करे और शिक्षा के क्षेत्र में जो भी
मदद चाहिए हर सम्भव मदद हम अपनी तरफ से देने को तैयार हैं।
इसके पूर्व
डा. प्रभाकर चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। इस दौरान
विद्यालय के छात्राओं द्वारा संस्कृति कार्यक्रम प्रस्तुत की। इस दौरान
विद्यालय का वार्षिक पत्रिका लोकवाणी का लेकापर्ण मुख्य अतिथि द्वारा
किया।
इस अवसर पर डॉ. संत त्रिपाठी, डॉ. हरवंश सिंह , डॉ. विनय सिह , डॉ.
काशी नाथ सिंह , विजय सिंह , संजय सिंह, पूर्व प्रवक्ता शेभनाथ सिंह व
पूर्व विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव आदि उपस्थित रहे। वहीं विद्यालय के
प्रवन्धक व कार्यक्रम के आयोजक धनन्जय सिंह ने आये हुए आगन्तुकों का आभार
प्रकट करते हुए मुख्य अतिथि को बाबा किनाराम की स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्र
देकर सम्मानित किया ।
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