शिक्षक पद पर समायोजन निरस्त होने के बाद शिक्षामित्रों ने सोमवार को
कार्य बहिष्कार कर पूरे जनपद में अभियान चलाकर प्राथमिक विद्यालयों में
तालाबंदी कर स्कूलों को बंद करा दिया।
दिन भर जनपद के सभी स्कूल
बंद रहे। इसके चलते मध्याह्न भोजन भी नहीं बना। इस दौरान शिक्षामित्रों ने
प्रदर्शन करके एनसीटीई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
गौरतलब है कि एक
वर्ष पहले जनपद के 1622 शिक्षामित्रों ने दूरस्थ पद्धति से बीटीसी
प्रशिक्षण लिया और इसके बाद उनकी सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति हुई।
लेकिन में शिक्षामित्रों के समायोजन को गलत बताते हुए इसे रद्द कर दिया
गया। इसी को लेकर सोमवार को शिक्षामित्रों ने कार्य का बहिष्कार किया।
इसके बाद शिक्षामित्र अलग अलग हिस्सों में बंट कर विभिन्न विद्यालयों में
पहुंचे और उसे बंद कराया। शिक्षामित्रों ने बच्चों को स्कूल से निकालकर
ताला जड़ दिया।
बच्चे भी बगैर एमडीएम चखे ही वापस लौटे। इस दौरान
विद्यालयों पर शिक्षामित्रों ने नारेबाजी भी की।
शिकारगंज संवाददाता के
अनुसार सोमवार को क्षेत्र के प्राथमिक विघालयों पर ताले लटकते रहे।
क्षेत्र के अमरा दक्षिणी प्राथमिक विद्यालय पर शिक्षामित्र से समायोजित
सहायक अध्यापकों ने इकट्ठा होकर नारेबाजी करते हुए अपने विद्यालयों को बन्द
करा दिया ।
इस दौरान उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष
रामप्रवेश यादव , जयंती देवी सूलेखा उर्मिला, छाया, सीमा, सीता, राजकुमार
बलवंत श्रीकांत विजयबहादुर वीरेन्द्र सिंह आदि रहे।
शिक्षामित्र संघ के
जिलाध्यक्ष रामप्रवेश यादव ने कहा कि क्षेत्र के अमरा दक्षिणी चतुरीपुर
शिकारगंज बोदलपुर पंडी, कुसही पचफेडिया, मुडहुआ, दक्षिणी लठिया, सदापुर,
भूसिया, पुरानाडीह चकिया द्वितीय सहित तमाम प्राथमिक विद्यालय बन्द रहे।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के नीतियों से आहत सहायक अध्यापक आगामी 18
सितंबर को वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्रक सौंपेंगे ।
चहनियां संवाददाता के अनुसार शिक्षामित्रों ने यहां भी तालाबंदी की। इसी
तरह चकिया, शहाबगंज, सैयदराजा, कमालपुर, सकलडीहा इलाके में भी दिन भी ताला
बंद रहा।