मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने विद्यालय के विकास से जुड़ी परियोजनाओं एवं योजनाओं की जानकारी उपस्थित लोगों को दी। वहीं विद्यालय के पूर्व प्राचार्य अमरेंद्र सिंह एवं पुरातन विद्यार्थियों के सहयोग से तैयार स्मारिका का विमोचन किया गया। इस दौरान ब्रजेश कुमार ने इसके प्रकाशन की यात्रा और उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
कहा कि यहां से शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्रों में मुकाम हासिल करने वाले विद्यार्थियों तथा शिक्षकों की स्मृतियों को संजोने का प्रयास है। विद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान किया गया। सम्मान समारोह के दौरान पुरातन विद्यार्थियों के बीच पुराने दिनों की यादें ताजा हो उठीं।
अंजनी सिंह, गीता भट्टाचार्य, रचना, राकेश पाठक, डॉ. मुकेश प्रताप सिंह की देख रेख में यादों की बारात के रूप में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई। अपने जन्मदिन पर शुभांग पांडेय का तबला वादन रहा। अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम के अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने जबकि संचालन अमित छाबड़ा ने किया।
रेलवे इंटर कॉलेज में 51 वर्ष बाद वापस पहुंच कर ऐसा लग रहा है, मानो पुराना समय वापस लौट आया है। रेलवे इंटर कॉलेज के सौ वर्ष पूरे होने पर पर शामिल हुआ था। अब दोबारा 150 वर्ष पूरे होने पर पुरातन छात्र सम्मेलन में आना अत्यंत सौभाग्य की बात है। - डॉ. निर्मलजीत सिंह कलसी, सेवानिवृत्त आईएएस
मेरे पिता इस स्कूल के प्राचार्य रहे। मैंने इंटरमीडिएट तक की शिक्षा यहां ग्रहण किया। यहां से मिली शिक्षा का असर रहा कि एयर मार्शल बनना विशिष्ट सेना पदक जीत सका। आज वर्षों बाद स्कूल में पहुंच कर और कक्षाओं घूम कर लगा कि पुराना समय वापस लौट आया है। पुराने दोस्तों से मिलने की खुशी शब्दों में बयां करना मुश्किल है। - सेवानिवृत्त एयर मार्शल, कीर्ति शेखर चतुर्वेदी
पुरानी सहेलियों से मिलकर स्कूली दिनों को याद ताजा हो गई। सहेलियों के साथ खेलना, पढ़ना और शिक्षकों की डांट फटकार और शिक्षा सबकुछ याद गया। दुनियादारी में सब कुछ भूल गए थे लेकिन आज की मिली खुशी जीवन भर याद रहेगा। - प्रीति सचदेवा, पुरातन छात्र
स्कूलों में पढ़ाई के साथ हम लोगों ने स्कूली ड्रामा में प्रतिभाग किया। आज यहां आकर पुरानी यादें फिर से ताजा हो गई। स्कूल के समय की मस्ती, शिक्षा और उस समय के अनुशासन को याद कर लगता है कि यहां मिली शिक्षा ने हमारा जीवन संवार दिया। - शशिलता, पुरातन छात्र