96 साल की उम्र में रोज नंगे पांव 16 किमी चलते हैं सत्यनारायण
नियामताबाद ब्लॉक के भुजहुआ गांव निवासी सत्यनारायण चौहान 96 वर्ष के हैं। इस उम्र में जहां कई लोग सहारे के मोहताज हो जाते हैं, वहीं सत्यनारायण की दिनचर्या आज भी किसी स्वस्थ युवा से कम नहीं है। वह रोज करीब 16 किलोमीटर नंगे पांव पैदल चलते हैं। उनकी आंखों पर चश्मा नहीं है, सुनने में कोई परेशानी नहीं और 32 दांत भी आज तक उनके साथ हैं। सत्यनारायण रोज सुबह करीब नौ बजे घर से खाना खाकर मुगलसराय के लिए निकल जाते हैं फिर शाम को पैदल घर लौटते हैं। इस दौरान वह बाहर का पानी तक नहीं पीते। सत्यनारायण बताते हैं कि किसी के निमंत्रण या भोज में भी जाना पड़ता है तो भोजन करने से परहेज करते हैं। कहते हैं कि रोज पैदल चलने से पूरा व्यायाम हो जाता है। जवानी के दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि उस समय वह रोज करीब पांच लीटर दूध पी जाते थे। अब उम्र बढ़ने के साथ सादा भोजन करते हैं। सुबह-शाम दाल-रोटी ही खाते हैं। सत्यनारायण ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी के निधन के बाद 54 वर्ष की उम्र में उन्होंने दूसरी शादी की। दोनों पत्नियों से उनके 16 बच्चे हैं, जिनमें 11 बेटे और पांच बेटियां हैं। 22 नाती-पोतों वाले बड़े परिवार के बीच रहने के बावजूद उनकी दिनचर्या में कोई खास बदलाव नहीं आया है। जब उनसे 96 वर्ष की उम्र में भी खुद को फिट रखने का राज पूछा गया तो वह कहते हैं, सादा खाना खाइए, बाहर की चीजों से बचिए और शरीर को काम में लगाए रखिए। खाली बैठने से शरीर भी कमजोर होता है।
नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित भोजन और सकारात्मक सोच बुजुर्गों को सक्रिय रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों और हड्डियों को सक्रिय रखना जरूरी है। रोज अपनी क्षमता के अनुसार पैदल चलना, योग-प्राणायाम करना और घर का संतुलित भोजन लेना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। साथ ही पर्याप्त नींद, तनाव से बचाव और स्वास्थ्य की नियमित जांच भी जरूरी है। हालांकि हर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता अलग होती है, इसलिए उम्रदराज लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार ही व्यायाम करना चाहिए। -डॉ. एसके चतुर्वेदी, वरिष्ठ चिकित्सक, राजकीय महिला चिकित्सालय