सिखों के दसवें गुरुगोविंद सिंह के प्रकाशोत्सव पर रविवार को नगर गुरुद्वारा साहिब से शोभायात्रा निकाली गई।
इस
अवसर पर पंज प्यारे के साथ भजन कीर्तन करते हुए गुरुग्रंथ साहिब की
शोभायात्रा पूरे नगर में निकाली गई। शोभायात्रा को देखने के लिए रास्ते मे
जगह जगह पर लोगों की भीड़ जुटी।
बाद में गुरुगोविंद सिंह के महत्व पर
प्रकाश डाला गया। खालसा पंथ के संस्थापक और सिखों के दसवें गुरु गोविंद
सिंह के 349वें प्रकाशोत्सव की तैयारियां गुरुद्वारा में सुबह से ही शुरू
हो गई। नगर स्थित गुरुद्वारे को भव्य तरीके सजाया गया। शबद कीर्तन में नगर
सहित पूरे जिले के सिक्ख समुदाय के लोग पहुुंचे और माथा टेका।
शाम चार बजे
भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में सबसे आगे पंच प्यारे बने बच्चे
चल रहे थे। उनके पीछे धर्मध्वजा लिए लोग चल रहे थे। उसके पीछे वाहन पर गुरु
ग्रंथ साहब को सजाया गया था।
उनके पीछे भजन कीर्तन करती महिलाएं चल रही
थी। सबसे आगे गदका दल के लोग हैरतअंगेज करतब दिखा रहे थे। इसे देख लोग भौचक
रह गए।
शोभायात्रा के दौरान खालसा पंथ के लोग आगे आगे रास्ते को पानी से
साफ करते हुए चल रहे थे। नगर भ्रमण के बाद शोभायात्रा गुरुद्वारा पहुंच कर
समाप्त हुआ। दस दौरान गुरुगोविंद सिंह के जीवन और उनके बताए मार्ग पर चलने
का आह्वान किया गया।