पुलिस भर्ती लिखित परीक्षा के बजाए केवल मेरिट के आधार पर कराए जाने के
प्रदेश सरकार की मंशा के खिलाफ क्षेत्रीय युवाओं ने रविवार को दोपहर 11 बजे
स्थानीय चौराहे पर प्रदेश सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की।
मौके
पर पहुंची पुलिस ने युवाओं को समझा बुझाकर शांत कराया। युवकों ने चेतावनी
दी कि यदि प्रदेश सरकार बगैर लिखित परीक्षा के पुलिस में भर्ती करती है तो
युवा उग्र आंदोलन भी करेंगे।
क्षेत्र के विभिन्न गांवों से काफी
संख्या में युवा रविवार को दोपहर 11 बजे के करीब चौराहे पर पहुंचे और सड़क
पर खड़े होकर प्रदेश सरकार मुर्दाबाद, प्रदेश सरकार अपना फैसला वापस लो,
आदि के नारे लगाने लगे।
अचानक युवाओं के पहुंच कर नारेबाजी से सड़क पर
वाहनों का आवागमन रुक गया और जाम की स्थिति हो गई। इस दौरान युवाओं ने कहा
कि प्रदेश सरकार पुलिस भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का प्रावधान खत्म करने
जा रही है।
इससे नकल के सहारे अच्छी मेरिट लाने वाले ही सफल हो पाएंगे। यही
नहीं इस बहाने धन की वसूली भी खूब होगी।
सरकार के इस फैसले से मार्क
शीट में किसी कारणवश कम अंक लाने वाले प्रतिभाशाली युवा पुलिस की नौकरी से
वंचित हो जाएंगे।
युवाओं को प्रदेश सरकार का यह फैसला नामंजूर है। युवाओं
ने मांग की कि पहले की तरह प्रदेश सरकार पुलिस भर्ती लिखित परीक्षा के आधार
पर कराए।
चेतावनी दी कि ऐसा नहीं किया गया तो युवा उग्र आंदोलन के लिए
बाध्य होंगे। इधर सूचना पर जलीलपुर चौकी इंचार्ज राणा यादव मौके पर पहुंचे
और युवाओं को समझाया।
बुझाकर शांत कराया।