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Chandauli News: पिता ने बेटी की गला दबाकर की थी हत्या, खुदकुशी का दिया था रूप; कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

Mon, 10 Jun 2024 05:26 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली।

सार

Chandauli News : चंदौली जिले में नाबालिग बेटी की हत्या कर खुदकुशी का रूप देने वाले पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। मानसिक रूप से बीमार बेटी का इलाज कराकर थक चुके पिता ने उसकी हत्या की थी। 
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पुलिस के गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विशेष अधिवक्ता पॉक्सो अनुराग शर्मा की अदालत ने सोमवार को किशोरी की हत्या के मामले सुनवाई की। जिसमें न्यायालय ने बलुआ थानाक्षेत्र के हुदहुदीपुर निवासी उसे पिता मनोज सिंह उर्फ गुड्डू को आजीवन करावास की सजा सुनाई। साथ ही 60 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। 

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यह है मामला
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (एडीजीसी) शमशेर बहादुर सिंह ने कोर्ट में पैरवी की। कहा कि माता-पिता का ऐसा निष्ठुर चेहरा कभी-कभी ही दिखाई देता है। मजबूरी या फिर कुछ और बात रहा हो घटना दिल को दहला देने वाली है। चंदौसी हुदहुदीपुर गांव निवासी मनोज कुमार सिंह ने खुद अपनी बिटिया मोनी सिंह (17) की गला घोंट हत्या कर दी। 

14 सितंबर 2022 को थाना क्षेत्र के हुदहुदीपुर गांव के कुछ लोगों ने एसपी अंकुर अग्रवाल को फोन कर किसी किशोरी की मौत की सूचना दी थी। जिसके बाद बलुआ पुलिस मौके पर पहुंची। उस समय मोनी का शव पड़ा हुआ था। पिता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि किशोरी ने बाथरूम में कुंडी के सहारे आत्महत्या की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो सच सामने आया वह काफी चौंकाने वाला था। डॉक्टरों ने बताया कि किशोरी की मौत आत्महत्या से नहीं बल्कि गला दबाने से हुई है। पुलिस का शक गहराया। सबसे बड़ी बात कि गांव का कोई भी शख्स इसके लिए आगे आने को तैयार नहीं था। फिर चौकी इंचार्ज शिवमणि तिवारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ।
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इंस्पेक्टर राजीव सिंह ने बताया कि विवेचना मैंने ही की। मोहर गंज इलाके से पुलिस ने मनोज सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने पुलिस के सामने उसने अपना जुर्म स्वीकार किया है और कहा कि उसकी पुत्री मानसिक मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह इलाज कराते कराते परेशान हो गए थे।

दो साल से उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह इधर-उधर भागती रहती थी, जिसके कारण वह हमेशा परेशान रहता था। उसी के कारण 14 सितंबर को उसकी हत्या कर दी थी और घटना को छुपाने के लिए खुद पुलिस को आत्महत्या की गलत सूचना दी। पिता को गिरफ्तार कर पुलिस विधिक कार्रवाई कर रही है।

इसी मामले की सोमवार को पाक्सो के स्पेशल जज अनुराग शर्मा की अदालत में सुनवाई पूरी की है। इस दौरान पुलिस की विवेचना, गवाह और अभियोजन की ओर से प्रस्तुत तर्क के आधार पर कोर्ट ने मनोज सिंह उर्फ गुड्डू को हत्या का दोषी करार दिया। साथ ही दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई व जुर्माना लगाया गया है।  
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