कंदवा। वर्तमान भौतिक युग में यदि मनुष्य सभी के साथ अच्छा व्यवहार करना नहीं सीखेगा तो भविष्य में वह एक-दूसरे का घोर विरोधी हो जाएगा। इसी कारण हर तरफ मानवता का गला दबाया जा रहा है और मानवता रो रही है। यह बातें चंद्रमौलि मुनि उदासीन खड़ेश्वरी बाबा ने मां भवानी प्राकट्य स्थल कसवढ़ डेहरियाडीह में सोमवार को कहीं।
उन्होंने कहा कि लोग परमात्मा को तो मानते हैं, पर परमात्मा की बात को नहीं मानते। यदि परमात्मा की बात को माना जाने लगे तो जीव का कल्याण हो जाए। मोह का त्याग करने से जीवन महान बन जाएगा। मानव को कोई भी चीज क्रोध से नहीं बल्कि प्रेम से जीतनी चाहिए। क्रोध को क्रोध से नहीं बल्कि क्षमा से जीतना चाहिए। जो व्यक्ति क्षमा को धारण करता है, वह महान बन जाता है।
इस दौरान मंगला सिंह, घनश्याम उपाध्याय, अभय दुबे, धर्मशिला सिंह, रिंकू उपाध्याय, कैलाश यादव आदि मौजूद रहे।