धरना- प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी करते जनपद के लेखपाल
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एसीपी विसंगति दूर करने व पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली सहित छह सूत्रीय मांगों को लेकर शनिवार को भी लेखपाल संघ जिला इकाई की ओर से धरना-प्रदर्शन जिला मुख्यालय पर जारी रहा। चेताया कि लेखपालों की जायज मांगों पर सरकार विचार नहीं करती है तो हम सभी आगे आंदोलन कर रुख अख्तियार करने को बाध्य होंगे। वहीं जिलाधिकारी की ओर लेखपालों पर की गई कार्रवाई की भर्त्सना की गई। अंत में एडीएम को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
इस लेखपाल संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक त्यागी ने कहा कि लेखपाल संवर्ग का पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक किया जाए। साथ ही इसके लिए शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट से स्नातक करते हुए प्रारंभिक वेतनमान को भी बढ़ाया जाना चाहिए। एक अप्रैल 2005 से पूर्व चयनित लेखपालों को पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ दिया जाए। साथ ही इसके बाद नियुक्त लेखपालों को नई पेंशन योजना में सुधार करते हुए आकस्मिक निकासी एवं सेवानिवृत्ति व मृत्यु पर सुनिश्चित पेंशन की सुविधा प्रदान की जाए।
संगठन मंत्री मनोज त्रिपाठी ने कहा कि लेखपालों के लिए राजस्व निरीक्षक प्रोन्नति व नायब तहसीलदार प्रोन्नति के लिए राजस्व परिषद के प्रस्ताव में संशोधन किया जाए। सरकार जब तक हमारी मांगों पर विचार नहीं करती आंदोलन जारी रहेगा, हम सरकार कीर धमकी से डरने वाले नहीं है। इस मौके पर विनोद,सियाराम, भोला शंकर, संजय, विनय कुमार, सुजीत, बजरंगी आदि उपस्थित रहे।