पीडीडीयू नगर। लतीफशाह बीयर से निकली लेफ्ट कर्मनाशा मुख्य नहर की 30 वर्षों बाद दशा सुधरेगी। चंद्रप्रभा प्रखंड की ओर से भेजी गई 15.56 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को शासन की मंजूरी मिल गई है। शीघ्र ही नहर का मूल्यांकन होने के बाद कार्य आरंभ किया जाएगा। इससे तीन विकासखंडों के 400 गांवों को राहत मिलेगी। इससे 10 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है। वर्ष 1995 में नहर का पक्का किया गया था। इसके बाद नहर के पुनरुद्धार को लेकर योजनाएं तो कई बनीं लेकिन किसी पर कार्य नहीं हुआ। आलम यह है कि 10 वर्षों में दो करोड़ रुपये से लागत बढ़कर 15 करोड़ से अधिक हो गई है।
नहर में अत्यधिक सोरिया होने के कारण ही नहर की हालत खराब हो गई है। वहीं नहर के हेड पर केकड़ों ने घर बना लिया है। केकड़ों के मिट्टी खोद देने के कारण नहर को फुल गेज पर चलाने से तटबंध क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और सारा पानी आसपास के जंगलों में बहकर बर्बाद हो जाता है। नहर को कंक्रीट से बनाने के लिए पूर्व में चंद्रप्रभा प्रखंड की ओर से प्रस्ताव भेजे गए थे लेकिन कोई पहल नहीं हुई। लतीफशाह बीयर से निकली व वर्ष 1930 में बनी लेफ्ट कर्मनाशा मुख्य नहर के सुदृढ़ीकरण का कार्य अधर में लटका हुआ है। इसको मजबूत करने के लिए सुदृढ़ीकरण के लिए वर्ष 2018 में कार्ययोजना बनाई गई थी किंतु लापरवाही के कारण योजना आगे नहीं बढ़ सकी। कार्ययोजना के तहत लतीफशाह बीयर के हेड से 1225 मीटर पक्की नहर बनाई जानी थी। अब शासन की मंजूरी मिलने के बाद नहर की दशा में सुधार की उम्मीद जगी है।
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किसानों को होता है नुकसान
सिंचाई के पीक आवर में नहर के टूटने से किसानों को कई बार बड़ा नुकसान झेलना पड़ता है। हेड से आगे नहर में अनेक सोरिया (रिसाव प्वाईंट) हैं। इन रिसाव प्वाईंटों से नहर खुलने के बाद से पानी का रिसाव होने लगता है। जब नहर को फुल गेज से खोला जाता है तो सोरियो से रिसाव और तेज हो जाता है जिसके चलते नहर के किनारे टूट जाते हैं और पानी बहकर बर्बाद हो जाता है और खेतों को भी नुकसान होता है।
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तीन विकासखंडों के 10 हजार एकड़ खेत की सिंचाई होती है प्रभावित
लेफ्ट कर्मनाशा मुख्य नहर से जिले के चंदौली, चकिया और शहाबगंज विकासखंड के करीब तीन सौ गांवों के 10 हजार एकड़ खेतों की सिंचाई होती है। नहर के तटबंध बार-बार टूट जाने से किसानों को खेती के पीक ऑवर में सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाता है। समृद्ध किसान तो निजी ट्यूबवेलों से सिंचाई कर लेते हैं। लेकिन गरीब किसानों को सिचाई में दिक्क्त होती है।।
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लेफ्ट कर्मनाशा मुख्य नहर के सुदृढ़ीकरण के लिए करीब 15 करोड़ 56 लाख रुपये की तैयार कार्ययोजना को शासन की मंजूरी मिल गई है। शीघ्र ही योजना के मूल्यांकन के बाद धन अवमुक्त किए जाने की संभावना है। धन अवमुक्त होते ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर कार्य आरंभ करा दिया जाएगा।सर्वेशचंद्र सिन्हा, एक्सईएन, चंद्रप्रभा प्रखंड।