डीएम के आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं का धरना समाप्त
शासन को भेजा गया न्यायालय भवन का नक्शा, जल्द शुरू होगा निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
सचित्र09
चंदौली। न्यायालय निर्माण के लिए चल रहा अधिवक्ताओं का धरना शनिवार को डीएम के आश्वासन के बाद 22वें दिन समाप्त हो गया। जनपद न्यायाधीश चतुर्थ सुनील कुमार चतुर्थ और डीएम निखिल टीकाराम फुंडे से वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया।
धरना स्थल पर पहुंचे डीएम निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि शनिवार की सुबह ही उच्च न्यायालय ने जनपद के न्यायालय भवन निर्माण के लिए नक्शा पारित कर प्रदेश सरकार को भेजा दिया है। शासन में लगातार बातचीत हो रही है और जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा। न्यायालय भवन के लिए जमीन उपलब्ध है। टेंडर कराकर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में जनपद में जिन विभाग के पास भवन नहीं है, उनका भवन तैयार करवाया जाएगा। डीएम और बार एसोसिएशन के अध्यक्षों के बीच बातचीत के बाद धरना समाप्त कर अधिवक्ताओं के कार्य पर वापस आने की बात पर सहमति बनी। डीएम के आश्वासन पर डिस्ट्रीक डेमक्रेटिक बार अध्यक्ष जयप्रकाश सिंह, सिविल बार चंद्रभान सिंह ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी।
02. डिस्ट्रीक डेमोक्रेटिक बार के पूर्व महामंत्री ने मांग पूरी होने तक आंदोलन का किया एलान
-एक महीने में कार्य शुरू न होने पर दी आत्मदाह की चेतावनी, झन्मेझय सिंह बने समिति के नए अध्यक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
चंदौली। डीएम के आश्वाासन के बाद जहां दोनो बार के अध्यक्षों ने धरना समाप्त कर दिया। वहीं डिस्ट्रीक डेमोक्रेटिक बार के पूर्व महामंत्री झन्मेझय सिंह ने मांगें पूरी होने तक जिला एवं न्यायालय निर्माण संघर्ष समिति चंदौली के बैनर तले आंदोलन चलते रहने का एलान किया।
उन्होंने बताया कि जिला न्यायालय एवं मुख्यालय निर्माण संघर्ष समिति ने आंदोलन को रोकने से साफ इन्कार कर दिया, जिसे कचहरी के अधिवक्ताओं का भरपूर समर्थन मिला है। अधिवक्ताओं ने शनिवार को पूर्व महामंत्री झन्मेजय सिंह को जिला एवं न्यायालय निर्माण संघर्ष समिति का अध्यक्ष तथा धनंजय सिंह को कार्यकारी अध्यक्ष चुना। झन्मेजय सिंह ने बताया कि न्यायालय निर्माण संघर्ष समिति किसी भी कीमत पर अधिवक्ताओं के त्याग, बलिदान को जाया जाने नहीं देगी। आंदोलन को स्थगित करके अधिवक्ताओं की भावनाओं को आहत किया गया है। उनके त्याग, बलिदान व आंदोलन के प्रति उनके समर्पण का मजाक उड़ाया गया है। इस आंदोलन में लगातार 22 दिन से कई गरीब अधिवक्ता ने भी कार्य से विरत रहकर इस आंदोलन के समर्थन देकर बल प्रदान करने का काम किया था। ऐसे अधिवक्ताओं समर्पण को संघर्ष समिति सलाम करती है उनको विश्वास दिलाती है कि अब आगे की लड़ाई अंतिम परिणाम तक जिला एवं न्यायालय निर्माण संघर्ष समिति जारी रखेगी। वहीं कार्यकारी अध्यक्ष धनंजय सिंह ने कहा कि अगर एक महीने के भीतर न्यायालय का निर्माण का कार्य प्रारम्भ नहीं किया गया तो हम दोनों भाई धनंजय और झन्मेजय कचहरी गेट पर ही आत्मदाह करेंगे। सत्येंद्र कुमार बिंद ने कहा कि यह आंदोलन चंदौली के अस्मिता की लड़ाई है, जिसे तोड़ने के लिए हरसंभव प्रयास हो रहा है। कहा कि अधिवक्ता इस आंदोलन को मुकाम तक पहुंचाकर ही दम लेंगे। इसके बाद जिला एवं न्यायालय निर्माण संघर्ष समिति ने सदस्यों को जोड़ा। इसमें सुजीत सिंह, सत्येंद्र कुमार बिंद, अभिनव आनन्द सिंह, हरेंद्र सिंह, रमाशंकर यादव, चन्द्रभूषण यादव, फिरोज खान, हिटलर सिंह, शरद वर्मा, दिनेश यादव सहित तमाम लोगों ने सदस्यता ली।