बताया गया कि घटना के समय नारद यादव टहलने के लिए बाहर गए हुए थे। जब वह लौटे तो कमरे में खून फैला देखकर सन्न रह गए। राजेश यादव कमरे में घायल अवस्था में पड़े थे। आनन-फानन में उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया गया। इसके बाद उन्हें चंदौली जिला अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस हत्याकांड में किसी करीबी व्यक्ति की भूमिका से इंकार नहीं किया जा रहा है। घटना के पीछे जमीन के लेनदेन का विवाद मुख्य कारण माना जा रहा है। परिजनों ने बताया कि राजेश यादव का मोबाइल पर अक्सर ‘पंडित’ नाम के एक व्यक्ति से जमीन के लेनदेन को लेकर विवाद होता था, जिसको लेकर कई बार फोन पर गाली-गलौज और तीखी बहस भी हो चुकी थी।
मृतक के परिवार में पत्नी चिंता देवी, तीन बेटियां और एक बेटा है। बेटियों में एक बेटी पूजा की शादी हो चुकी है, जबकि पुत्र पीयूष यादव दिल्ली में एक निजी कंपनी में कार्यरत है। पिता श्यामराज यादव सेवानिवृत्त फौजी हैं। घटना की सूचना मिलते ही पत्नी और परिजन रोते-बिलखते जिला अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। सदर थानाध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम किया जा रहा है। बिहार पुलिस मामले की जांच कर रही है।