प्रस्तावित भूमि पर लगा उद्यान विभाग का बोर्ड।
जनपद में मेडिकल कालेज के लिए बजट में प्रावधान किए जाने के बाद कालेज का बनना तो तय हो गया है। बावजूद इसके अभी तक कालेज के लिए एक ईंट भी नहीं रखी गई है। न ही पूरे जमीन का अधिग्रहण ही हो पाया है। जबकि सैयदराजा विधायक मनोज सिंह डब्लू के अनुसार इसके लिए पांच सौ करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं।
जिले में मेडिकल कालेज को खोलने की घोषणा की गई थी। इसके बाद सरकार की तरफ से माधोपुर स्थित उद्यान विभाग की भूमि पर कालेज बनाने के लिए मंजूरी मिली। इस बीच इसको लेकर राजनीति शुरू हो गई और कालेज का स्थान परिवर्तन की आशंका भी होने लगी। इस क्रम में गत दिसंबर माह में कालेज के शिलान्यास के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आने की घोषणा भी की गई। हैलीपैड बनवाने के लिए दो लाख ईंट गिरवाई गई, लेकिन वे नहीं आए। इसके बाद से कालेज का सपना अभी सपना ही बना हुआ है। उद्यान विभाग के 32 एकड़ भूमि में मेडिकल कालेज का निर्माण होना है। राजकीय निर्माण निगम चंदौली को इसकी जिम्मेदारी भी दी गई है। मेडिकल कालेज के लिए पांच सौ करोड़ मुक्त किया जा चुका है। वर्तमान में भूमि की रखवाली कर रहे माधोपुर गांव के लुटावन ने बताया कि मेडिकल कालेज कब बनेगा इसका पता नहीं है। लोगों का इंतजार बढ़ता जा ही जा रहा है।