संयुक्त टीम में जीआरपी व आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक के अलावा उनि संदीप कुमार राय, हेड कांस्टेबल मो. असगर व कांस्टेबल विजय सिंह सरोज आदि थे। इसके पहले गुरुवार की देर शाम दो व्यक्तियों को वजनी झोला व बैग के साथ पीडीडीयू जंक्शन के पैदल गामी पुल पर पकड़ा गया।
जांच टीम ने जब दोनों को रोका तो वे सहम गए। झोले में रखे सामान के बारे में पूछने पर खाने पीने की सामान बताया। संदेह होने पर झोला खोलकर उनको दिखाने के लिए बोलने पर कतरानें लगे, झोला खुलवाकर देखने पर नोटों की गद्दियां दिखाई दी। दोनों को पकड़कर आरपीएफ पोस्ट लाया गया। उनके पास से 29,33,150 रुपये बरामद किए गए।
पूछताछ करने पर पुष्पेंद्र कुमार (31) निवासी बादशाहपुर रोड, थाना मुगरा बादशाहपुर,जनपद जौनपुर व आशीष कुमार मिश्रा (37) निवासी कंधरपुर भोगवारा, थाना हंडिया, जिला प्रयागराज बताया। नोट के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
बताया कि वाराणसी से अपने घर हंडिया लेकर जा रहे है। कोई वैद्य कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। दोनों व्यक्ति व बरामद कैश 29,33,150 रुपये गिनती कर कार्रवाई के बाबत आयकर विभाग को सुपुर्द किया गया। टीम में आरपीएफ के उप निरीक्षक अमरजीत दास, अर्चना मीणा,आरक्षी पवनेश कुमार सिंह, अजय पाल, भगवान सिंह, जीआरपी डीडीयू के उप निरीक्षक संदीप राय व स्टाफ, सीआईबी डीडीयू के आरक्षी विनोद कुमार यादव आदि शामिल थे।
27 जुलाई को गुरुमुखी एक्सप्रेस में बरामद हुए थे 29.67 लाख रुपये
जीआरपी और आरपीएफ ने रविवार यानी पिछले माह 27 जुलाई को पीडीडीयू जंक्शन से पर खड़ी गुरुमुखी एक्सप्रेस ट्रेन से 29.67 लाख नकद बरामद किए। एक आरोपी को पकड़ा गया था। जीआरपी ने इसकी सूचना आयकर विभाग को दी।
आयकर विभाग वाराणसी की टीम के आने पर रुपये और रुपये के साथ पकड़े गए युवक को उनके हवाले कर दिया गया। आगे की कार्रवाई आयकर विभाग की टीम कर रही है।
जीआरपी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह और आरपीएफ निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत ने बताया था कि संयुक्त टीम प्लेटफार्म संख्या एक पर गश्त कर रही थी। नांगल डैम से कोलकाता जा रही 12326 गुरुमुखी एक्सप्रेस पहुंची।
ट्रेन में जांच के दौरान एक युवक बड़ा सा बैग लिए दिखा। वह टीम को देख कर घबराने लगा। इस पर उसके बैग की जांच की गई तो उसमें नकदी मिले। जीआरपी में लाकर पैसों की गिनती करने पर वह 29 लाख 66 हजार 630 रुपए मिले। उसने बताया था कि वह रुपये लेकर मुरादाबाद से बंगाल जा रहा था।