इलिया(चंदौली)। लॉकडाउन में फंसे मजदूरों का घरों की ओेर लौटने का क्रम जारी है। किसी प्रकार राज्य की सीमा तक पहुंचने के बाद भी मजदूरों को अधिकारियों की अनदेखी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को बिहार प्रांत के रहने वाले मजदूर विभिन्न राज्यों से किसी प्रकार वाराणसी पहुंचे। जहां से बिहार बार्डर तक छोड़ने के लिए बसे मजदूरों को लेकर इलिया थाना क्षेत्र के मालदह गांव समीप स्थित महदाइच बार्डर पर पहुंची। मगर बिहार सरकार की ओर से उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था नहीं होने पर सीओ और एसडीएम ने बसों से उन्हें वाराणसी भेज दिया।
दूसरे प्रांतों में रोजगार की तलाश में गए मजदूर लॉकडाउन में परिवार के साथ घरों की ओर लौट रहे है। कोई पैदल लौट रहा है तो कोई ट्रकों के सहारे बार्डर के नजदीक तक पहुुंचने की जुगत में लगा हुआ है। मजदूर कैलाश यादव, दीपू कुमार, पूनम, चंदन, धर्मेंद्र, मनोज, हरिहर, अफसाना खातून ने बताया कि हैदराबाद से पैदल तथा ट्रकों के सहारे किसी तरह बनारस पहुंचे। जहां से अधिकारियों ने बसों में बैठाकर सभी को यहां भेज दिया है। बिहार सरकार की ओर से उन्हें घर तक पहुंचाए जाने के कोई भी इंतजाम नहीं किए गए हैं। काफी इंतजार के बाद भी बिहार सरकार की ओर से मजदूरों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के कोई भी इंतजाम नहीं किए जाने पर एसडीएम चकिया सीपू गिरी, सीओ नीरज पटेल, इलिया थाना प्रभारी मिथिलेश तिवारी ने सभी मजदूरों को बसों में बैठाकर पुन: वाराणसी भेज दिया।