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Chandauli News: किडनी के मरीजों को डायलिसिस के लिए करना पड़ रहा इंतजार

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चंदौली। पं. कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय में किडनी के मरीजों को डायलिसिस के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि वर्तमान में 30 मरीजों की डायलिसिस हो पा रही है, जबकि 113 मरीजों को डायलिसिस के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इनका नंबर चार से पांच दिन बाद आ रहा है।
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बाबा कीनाराम स्वशासी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पं. कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर में डायलिसिस केंद्र का संचालन किया जाता है। एक साल से यहां डायलिसिस कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वर्तमान में यहां लगभग 150 मरीज रोजाना डायलिसिस कराने पहुंच रहे है, जबकि यहां एक दिन में 30 मरीजों की ही डायलिसिस हो पा रही है। लगभग 113 मरीजों को डायलिसिस के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। उधर, डॉक्टरों का कहना है कि दिनचर्या और खान-पान का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। इस बीमारी से बचने के लिए किसी भी गलत दवा का प्रयोग मरीजों को नहीं करना चाहिए। डाक्टर के सलाह के बगैर दवा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। सलाह लिए बगैर दवा का प्रयोग किडनी के लिए घातक हो सकता है। यही कारण है कि ज्यादातर मरीज किडनी से संबंधित समस्या से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। पं. कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ. संजय कुमार का कहना है कि गुर्दों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए हाइड्रेटेड रहने, नमक और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों से कम संतुलित आहार लेने, रक्तचाप और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने, नियमित शारीरिक गतिविधि में शामिल होने, दर्द निवारक दवाओं के अत्यधिक प्रयोग और धूम्रपान से बचने की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि स्वस्थ रहने और रोगों से बचने के लिए स्वस्थ आहार लेने के साथ ही नियमित व्यायाम करना चाहिए। ब्लड शुगर के स्तर को मॉनिटर करते रहना चाहिए। इसके अलावा किडनी में पथरी, जेनेटिक स्थितियां और शरीर में विषाक्त पदार्थों का संचय भी किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। डायलिसिस केंद्र के प्रभारी शत्रुघ्न सिंह का कहना है कि जिला अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 30 मरीजों की डायलिसिस की जाती है। किडनी के मरीजों की संख्या बढ़ाने के कारण 113 मरीज डायलिसिस के लिए इंतजार करते हैं। हालांकि प्रयास है कि कम से कम मरीजों को डायलिसिस के लिए इंतजार करना पड़े।
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