बदलती जीवन शैली के साथ-साथ सेहत के प्रति अगर आप सतर्क नहीं हुए तो आपकी समस्या बढ़ सकती है। असंतुलित भोजन, नियमित व्यायाम न करने, फास्ट फूड का अधिक सेवन ये सब वे वजहें हैं। जिससे लीवर की बीमारी बढ़ रही है। वर्तमान में सबसे अधिक मरीज अस्पताल में फैटी लीवर वाले पहुंच रहे हैं। चिकित्सक के अनुसार इसमें 40 साल से कम उम्र वालों की संख्या अधिक रहती है। इसमें बच्चे भी शामिल हैं। अगर समय से जांच इलाज न कराया जाए तो आगे चलकर लोगों को लीवर सिरोसिस होने का खतरा अधिक रहता है।लीवर संबंधी बीमारी से बचाव के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से हर वर्ष 19 अप्रैल को वर्ल्ड लीवर डे मनाया जाता है।इस समय अस्पतालों में पेट संबंधी बीमारी वाले मरीजों में लीवर की समस्या वाले अधिक मरीज आ रहे हैं।
बरहनी पीएचसी के पूर्व चिकित्सा अधिकारी डॉ पीसी दीक्षित का कहना है कि लीवर की बीमारी 10-15 वर्षों में बेतहाशा बढ़ी है। लीवर में फैट बढ़ने की वजह से सूजन और सिरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। डॉ. दीक्षित ने बताया कि अस्पताल आने वाले मरीजों में 30 से अधिक मरीज लीवर की समस्या से जुड़े होते हैं। इसमें 40 साल से कम उम्र वालों की संख्या आधे से अधिक है।