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पांच साल से अधूरे पड़े हैं कर्मनाशा और गरई नदी के पुल

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शिकारगंज के चकिया-अहरौरा मार्ग पर निर्माणाधीन गरई नदी का पुल। - फोटो : CHANDAULI
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पांच साल से अधूरे पड़े हैं कर्मनाशा और गरई नदी के पुल
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वर्ष 2016 में त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत मिली थी मंजूरी
काम शुरू होने के बाद 2017 के अंत में बंद हो गया निर्माण
बिहार और मिर्जापुर-सोनभद्र को जोड़ेंगे दोनों पुल
अमर उजाला ब्यूरो
पीडीडीयू नगर। शहाबगंज में कर्मनाशा नदी और चकिया के शिकारगंज में गरई नदी पर पुल बनाने की मंजूरी एक साथ वर्ष 2016 में मिली तो जिले के लोगों को उम्मीद जगी कि आवागमन में सुविधा होगी। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद धन जारी हो गया। निर्माण कार्य भी शुरू हो गया लेकिन 2017 के अंत में कार्य ठप हो गया। कर्मनाशा का पुल बिहार को जोड़ता है जबकि गरई नदी का पुल मिर्जापुर और सोनभद्र को जोड़ता है। जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और सेतु निगम की सुस्त चाल से पांच साल से पुल अधर में लटका हुआ है।
कर्मनाशा नदी पर 50 फीसदी भी नहीं हुआ काम
शहाबगंज। पीडीडीयू नगर से चकिया-लेवारोड-इलिया मार्ग पर शहाबगंज के पास कर्मनाशा नदी पर पुल निर्माण के लिए शासन से 9.15 लाख 87 हजार रुपये की स्वीकृति के साथ ही पुल निर्माण की मंजूरी मिली थी। त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत 1.65 करोड़ रुपये जारी कर दिया गया और काम भी शुरू हो गया। मगर अब तक पुल निर्माण अधर में है। जबकि इसे वर्ष 2018 में ही पूरा किया जाना था। यह पुल जिले की सीमा इलिया से बिहार बार्डर को जोड़ता है। लेकिन राजनैतिक खींचतान, सूबे में सत्ता परिवर्तन और सेतु निगम की सुस्त चाल से पुल पर अभी 50 फीसदी भी काम नहीं हो पाया है। इससे लोगों के आवागमन में काफी असुविधा हो रही है। इससे लोगों को काफी चक्कर काटना पड़ रहा है। इससे न सिर्फ समय अधिक लग रहा है बल्कि लोगों को आर्थिक रूप से भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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पांच साल से लटका है 60 मीटर लंबा पुल
शिकारगंज। चंदौली से मिर्जापुर-सोनभद्र को जोड़ने वाले गरई नदी का पुराना पुल जर्जर हो चुका है। नए पुल निर्माण के लिए त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत शासन से 3.3 करोड़, 19 हजार रुपये स्वीकृति किए गए। तब 1.51 करोड़ रुपये जारी भी कर दिए गए। निर्माण भी शुरू हुआ लेकिन कुछ कार्य होने के बाद करीब 60 मीटर लंबा पुल पांच साल से लटका हुआ है। इसके निर्माण की जिम्मेेदारी लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड को दी गई थी। लेकिन अब तक यह पुल पूरा नहीं हो सका। पुल नहीं बनने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। तीन दिन पहले नदी पार करते समय एक व्यक्ति की नदी में डूबने से मौत भी हो गई। इससे क्षेत्रीय लोगों में काफी आक्रोश है। यह पुल जिले की सीमा से मिर्जापुर और सोनभद्र को जोड़ता है। इसके न बनने से जिले के लोगों को जाने के लिए काफी चक्कर लगाना पड़ता है।
कोट...
धन की की कमी के कारण पुल के निर्माण का कार्य बंद हो गया था। शासन से स्वीकृति धनराशि मिल चुकी है और गरई नदी के पुल का निर्माण शुरू करा दिया गया है। मार्च 2021 तक पूरा करा लिया जाएगा। मिथिलेेश कुमार, एक्सएईएन, पीडब्ल्यूडी, निर्माण खंड
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कर्मनाशा नदी पर पुल का काम फिलहाल धन के अभाव में बंद है। शासन से धन की मांग की गई है। बारिश बाद पुल का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। इसे जून 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एके सिंह, एक्सईएन, सेतु निगम
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