सैयदराजा-जमानिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार को दूसरे दिन भी जबरदस्त जाम लगा रहा। शुक्रवार की रात तीन स्थानों पर गाड़ियां खराब हो गई थीं, जिसके चलते जाम लगना शुरू हुआ और स्थिति बदतर होती चली गई। बारह घंटे तक राजमार्ग पर जाम में फंसकर वाहन चालक परेशान रहे। शनिवार को दोपहर दो बजे गाड़ियां ठीक हुई और इसके बाद आवागमन सुचारु हो सका।
अतिव्यस्त सैयदराजा-जमानिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार की रात से शुक्रवार तक जाम की स्थिति रही थी। कोरमी में ट्रक खराब होने से 22 किलोमीटर तक जाम लग गया था। शाम छह बजे ट्रक की मरम्मत के बाद जाम समाप्त होना शुरू हुआ और काफी देर बाद स्थिति सामान्य हुई। मगर व्यवस्था ज्यादा देर तक बहाल नहीं रह पाई। शुक्रवार की रात दो बजे कोरमी, कंजेहरा और कुसी गांवों के समीप तीन-तीन ट्रक खराब हो गए। इससे सड़क पर फिर से जाम लग गया।
रात में ही तलाशपुर से सैयदराजा तक पंद्रह किलोमीटर तक जाम लग गया। नौबत यह थी कि दुपहिया वाहनों के निकलने का रास्ता भी हीं बचा था। पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। भीषण गर्मी में जाम से ट्रक चालक परेशान हो गए।
जाम की वजह से सड़क के किनारे बसे गांव के लोगों को आगवामन भी मुश्किल हो गया है। शनिवार को दोपहर दो बजे ट्रकों की मरम्मत हुई और इसके बाद जाम छूटा तब लोगों ने राहत की सांस ली। क्षेत्रीय लोगों कहना है कि ट्रक खराब होना आम बात है लेकिन यातायात नियमों का पालन न करने की वजह से जाम लगता है। जैसे ही कोई ट्रक खराब होता है पीछे चल रहा ट्रक बगल से निकलने का प्रयास करता है इस होड में सड़क पर घंटों जाम लग जाता है। पुलिस कर्मी जाम छुड़ाने के बजाए तमाशबीन बने रहते हैं।