ठंड का प्रभाव तेजी से बढ़ता जा रहा है। शनिवार शाम को हुई हल्की बारिश ने ठंड में और इजाफा कर दिया है।
ठंड के चलते लोग घरों में कैद होने को विवश हो गए हैं। वहीं रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर यात्री ठिठुरते नजर आए। बता दें ठंड से अब तक चार मौतें हो चुकी हैं।
हालांकि प्रशासन उनकी मौत का कारण ठंड नहीं मान रहा है। दूसरी ओर जनपद में अलाव की पर्याप्त व्यवस्था न तो जिला प्रशासन और न ही नगर पालिका की ओर से की गई है।
इतना ही नहीं अभी तक रैन बसेरा बनाए ही नहीं गए हैं। जबकि दिसंबर माह चल रहा है। इससे रेलवे स्टेशन पर दूर दराज से आने वाले यात्रियों को काफी कठिनाइयोें का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम की आंख मिचौली अभी भी जारी है। किसी दिन धूप तो किसी दिन कोहरे ने मौसम के मिजाज को बदल दिया है। शनिवार को ठंड ने फिर दस्तक दी, तो लोग सिहर उठे।
हर तन पर ऊनी वस्त्र चढ़ गए वहीं ठंड से बचने के लिए लोगों ने अपने आप को सिर से पांव तक ढंक लिया। अभी तक जनपद में प्रशासन की तरफ से अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू नहीं की गई है। न ही गरीबों, मजलूमों, भिखारियों में कंबल बांटने की कवायद शुरू हुई।
वहीं रैन बसेरा का अस्थाई निर्माण भी कहीं नहीं हुआ है। जिससे रात में शरणार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जनपद में एक नगर पालिका, तीन नगर पंचायतें व नौ ब्लाक हैं। जहां अभी भी लोगों को
ठंड से निजात दिलाने के लिए सरकारी स्तर पर प्रयास नहीं किए गए हैं।