चकिया। चंद्रप्रभा सिस्टम के नकोइया मुख्य नहर से निकली गुलगुलिया माइनर और लेफ्ट कर्मनाशा मुख्य नहर से निकली गौरी शाखा माइनर की साफ-सफाई न होने से टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा। इससे दर्जनों गांवों में धान की रोपाई बाधित है।
रामपुर कलां माइनर की वर्षों से सफाई न होने माइनर में सिल्ट जमा हो गई है, साथ ही झाड़ झंखाड़ से पटा है, इससे नहर में पानी का फ्लो प्रभावित है। पानी के अभाव में बैरी, रामपुर कलां, राम लक्ष्मणपुर, पिपरिया सहित अन्य गांवों में धान की रोपाई का कार्य बाधित है। किसान अमरनाथ पटेल, रामअवध पटेल, राधेश्याम यादव, अरविंद सिंह, मंगल, राजनाथ, छन्नू सिंह, रमेश आदि ने बताया कि इस संबंध में अधिकारियों से कई बार नहर की सफाई कराने की गुहार लगाई गई। इसके बाद भी सफाई नहीं कराई जा सकी। इसके चलते आज लेफ्ट कर्मनाशा मुख्य नहर से निकली गौरी शाखा माइनर में टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। भाकियू के तहसील अध्यक्ष वीरेंद्र पाल ने कहा कि इस समस्या के निदान के लिए एसडीएम के साथ तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन कोई सार्थक कार्रवाई नहीं की गई। लेकिन दोनों अधिकारियों ने मानइर के हालत का जायजा लिया। वीरेंद्र पाल ने चेतावनी दिया कि यदि दोनों माइनरों की सफाई नहीं की गई तो किसान आंदोलन करने को बाध्य होगे।
चकिया। चंद्रप्रभा सिस्टम के सीपी रेगुलेटर से 25 क्यूसेक पानी चंद्रप्रभा नदी में गिर कर बर्बाद हो रहा है। बावजूद इसके सिंचाई विभाग के अधिकारियों की निगाह इस समस्या पर नहीं जा रही है। भाकियू के तहसील अध्यक्ष वीरेंद्र पाल ने कहा कि बरसात कम होने से चंद्रप्रभा बांध में पानी कम है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। ऐसे में सीपी रेगुलेटर से 25 क्यूसेक पानी नदी में गिरकर बर्बाद होने से समस्या बढ़ रही। उन्होंने समस्या के निराकरण कराने की मांग किया। संवाद