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आर्थिक पैकेज से उद्योगों को मिलेगा जीवनदान

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पीडीडीयू नगर। कोविड 19 की वजह से देश में लॉकडाउन की वजह से देश का विकास रुक गया है। सबसे अधिक नुकसान उद्योगों को हुआ है। ऐसे में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का एलान किया। बुधवार को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कांफ्रेंस में पैकेज की विस्तृत जानकारी दी। इस पैकेज की घोषणा से उद्यमियों ने राहत की सांस ली है। उद्यमियों ने कहा कि संकट के इस दौर में उद्योग जगत को जीवनदान मिलेगा। सरकार का निर्णय सराहनीय है।
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रामनगर औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों ने राहत पैकेज को सुधारात्मक कदम बताते हुए उद्योगों के लिए संजीवनी बताया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि एसएसएमई सेक्टर को बिना गारंटी के तीन लाख करोड़ रूपए का लोन मिलेगा, इससे करीब 45 लाख लोगों को इसका फायदा होगा और छोटे और लघु उद्योगों को मदद मिलेगी। इसके लिए सरकार ने 6 कदम उठाए हैं। 15 हजार से कम सैलरी वाले कर्मचारियों को सहायता दी जाएगी और इनका ईपीएफ सरकार देगी, संकट में फंसे 2 लाख छोटे उद्योंगों को कर्ज के लिए 20,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। आयकर रिटर्न दाखिल करने की तारीख बढ़कर 30 नवंबर कर दी गई है। इन घोषणाओं से उद्यमियों को लाभ होगा। रामनगर इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन के अध्यक्ष डीएस मिश्र ने कहा कि प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया का प्रयास स्वागत योग्य है। वित्त मंत्री की घोषणाएं औद्योगिक क्षेत्र को संजीवनी देगी। महामंत्री राकेश अग्रवाल ने कहा कि एसएसएमई सेक्टर सर्वाधिक रोजगार देते हैं। छोटे उद्योगों को राहत मिलने से जहां औद्योगिक विकास को बल मिलेगा वहीं लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। उद्यमी रतन सिंह ने कहा कि महानगरों से बड़े पैमाने पर प्रवासी श्रमिक प्रदेश में आए हैं। छोटे उद्योगों के मजबूत होने से श्रमिकों को अपने राज्य में ही रोजगार मिल सकेगा। सुनील अग्रवाल ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड 19 ने पूरे विश्व के परिदृश्य को बदल दिया है। प्रधानमंत्री ने मेक इन इंडिया का मंत्र दिया है। इसके सहारे ही भारत की आर्थिक स्थिति सुधर सकती है।
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