चंदौली। मौसम परिवर्तन के बाद मुख्यालय स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या पहले की तुलना में डेढ़ गुना बढ़ गई है। इसके चलते बुधवार की सुबह ही मरीजों का भारी भीड़ अस्पताल के ओपीडी से लेकर रजिस्ट्रेशन काउंटर पर देखने को मिल रही है। जहां ओपीडी में मरीजों को लेकर चिकित्सक परेशान रहे। उनकी माने तो मौसम परिवर्तन में सावधानी बरतने से अच्छा इलाज कोई नहीं है। अस्पताल प्रशासन कोरोना वायरस को लेकर भी विशेष सतर्कता बरत रहा है। इसके लिए अलग से वार्ड बनाए गए हैं।
पिछले चार दिनों से मौसम में आए परिवर्तन से सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। मुख्यालय स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला अस्पताल की ओपीडी में जहां दो दिन पूर्व सोमवार को 800 मरीज पहुंचे, वहीं बुधवार को मरीजों की संख्या बढ़कर 1300 हो गई। इनमें सबसे ज्यादा मरीज बुखार के पीड़ित थे। चिकित्सकों के अनुसार बदलते मौसम में बच्चों में कोल्ड डायरिया, सर्दी-जुकाम, बुखार के मरीज बढ़े हैं। चिकित्सकों ने बताया कि इस समय मौसम में बदलाव से मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसमें सबसे ज्यादा मरीज वायरल फीवर के आ रहे हैं। इसके चलते सुबह से ही जिला अस्पताल की ओपीडी भी भीड़ रही। मरीजों में बच्चों की संख्या अधिक देखने को मिली। जिला अस्पताल में तैनात डा. संजय कुमार ने का कहना है कि मौसम परिवर्तन से बुखार, जुकाम, सर्दी, खांसी के मरीज बड़ी संख्या में जिला अस्पताल में पहुंच रहे हैं। मौसम में बदलाव के दौरान खान पान व रहन सहन पर ध्यान दिया जाना अति आवश्यक है। बुखार पीड़ितों में मलेरिया के लक्षण भी मिल रहे हैं। बुखार से बचने के लिए मच्छरों से बचे। घर और आस पास सफाई रखे जिससे मच्छर न पनपे।
जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ को देखते हुए चिकित्सक भी सतर्क हैं। ओपीडी में मास्क लगाकर मरीजों का इलाज कर रहे है। वहीं जिला अस्पताल के सीएमएस डा.भूपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि कोरोना वायरस से डरने की आवश्यकता नहीं है। सावधानी बरतने की आवश्यकता है। हाथ मिलाने के बजाय हाथ जोड़कर एक दूसरे से नमस्ते करें। खांसते वक्त मुंह पर रुमाल जरूर रखें। दिन में कई बार साबुन से अपने हाथों को धोएं। अस्पताल में इलाज के दौरान चिकित्सक भी मरीजों को इससे आगाह करने के साथ ही बचाव की जानकारी दे रहे है।
कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज को पहले खांसी, जुकाम, बुखार और सांस फूलने की बीमारी होती है। लेकिन लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। जिस व्यक्ति को जुकाम, बुखार और खांसी है जरूरी नहीं वह कोरोना से संक्रमित है। बढ़ते तापमान में कोरोना वायरस प्रभावी नहीं हो सकेगा। इस तरह के वायरस सर्दियों में ही सक्रिय हो सकते हैं।
चंदौली। कोरोना से बचने के लिए लोग पूरी तरह से सावधानी बरतने में लग गए है। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने शासन के निर्देश पर जनपद में तीन केंद्रों पर हो रहे उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य बंद करा दिया है। कापियों को बंद कर कमरे को बाहर से सील कर दिया गया है। इससे परीक्षा परिणाम पर असर पड़ेगा। कापियों के मूल्यांकन में देरी हुई तो रिजल्ट आने में भी देरी होगी। जबकि 30 मार्च तक कापियों के जांचने का लक्ष्य रखा गया था।
जिले में चकिया स्थित आदित्य नारायण इंटर कालेज, महेंद्र टेक्निकल इंटर कालेज चंदौली और नगर पालिका इंटर कालेज पीडीडीयू नगर में मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। कोरोना के भय से शासन के निर्देश पर मूल्यांकन बंद करा दिया गया है। कापियों को कमरे में रखकर बाहर से सील कर दिया गया है। प्रधानाचार्य डॉ. महेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि जब शासन का निर्देश होगा तब कापियों का मूल्यांकन शुरू होगा। फिलहाल दो अप्रैल तक मूल्यांकन का काम ठप रहेगा। वहीं कोरोना वायरस को देखते हुए किसान दिवस भी स्थगित कर दिया।