पीडीडीयू नगर। मिशन शक्ति अभियान के तहत जिले के सभी थानों में स्थापित महिला हेल्प डेस्क पर शिकायतों के आंकड़े पारिवारिक कलह की चिंताजनक तस्वीर पेश कर रहे हैं। हर दिन औसतन 12 महिलाएं शिकायत लेकर पहुंच रही हैं। जिले के 16 थानों में पिछले छह महीने में 2268 शिकायतें दर्ज हुईं हैं। इनमें 70 फीसदी पारिवारिक कलह और घरेलू हिंसा से जुड़ी हैं। शेष शिकायतें छेड़खानी, सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी समेत अन्य अपराधों से संबंधित हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार छह महीनों में 2268 शिकायतें महिला हेल्प डेस्क में पहुंची हैं। इनमें 1670 मामलों का काउंसलिंग और आपसी सुलह-समझौते के जरिए निस्तारण कराया गया। वहीं, 199 मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की गई, जबकि 385 मामलों में निरोधात्मक कार्रवाई की गई। इसके अलावा 14 मामले अभी लंबित हैं और आठ मामलों में दोबारा शिकायत मिलने पर सुनवाई की जा रही है।
महिला हेल्प डेस्क पर तैनात पुलिसकर्मी पहले दोनों पक्षों की काउंसलिंग कर बातचीत से विवाद सुलझाने का प्रयास करती हैं। जब मामला गंभीर होता है या समझौते की कोई संभावना नहीं होती, तब प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाती है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि काउंसलिंग से बड़ी संख्या में परिवार टूटने से बच रहे हैं। संवाद
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महिला थाने में सबसे ज्यादा फरियाद, चंदौली में सबसे ज्यादा प्राथमिकी
छह महीने के आंकड़ों में महिला थाना सबसे आगे रहा, जहां 352 शिकायतें दर्ज हुईं। हालांकि इनमें केवल तीन मामलों में प्राथमिकी दर्ज करनी पड़ी, जबकि ज्यादातर विवाद काउंसलिंग से सुलझ गए। वहीं, चंदौली थाना गंभीर मामलों में सबसे आगे रहा। यहां 212 शिकायतों आईं, जिनमें 56 में प्राथमिकी दर्ज की गई। वहीं, अलीनगर, मुगलसराय, चकिया और सैयदराजा थाने में भी शिकायतों की संख्या ज्यादा है।
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आर्थिक तनाव, नशे की लत और सोशल मीडिया प्रमुख कारण
पुलिस रिकार्ड के अनुसार छह माह में 2268 शिकायतों का मतलब है कि जिले में प्रतिदिन औसतन 12 से 13 महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर महिला हेल्पडेस्क पहुंचीं। यह आंकड़ा बताता है कि महिलाओं का पुलिस पर भरोसा बढ़ा है, लेकिन साथ ही पारिवारिक और सामाजिक विवाद भी तेजी से सामने आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार आर्थिक तनाव, पारिवारिक मतभेद, नशे की लत, सोशल मीडिया और आपसी अविश्वास घरेलू विवादों के प्रमुख कारण बन रहे हैं।
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आठ मामलों में सुलह के बाद भी नहीं सुलझा विवाद
महिला हेल्प डेस्क के प्रयासों से कई परिवारों में समझौता हुआ, लेकिन कुछ मामलों में विवाद फिर उभर आए। पुलिस के अनुसार आठ मामलों में महिलाएं दोबारा शिकायत लेकर पहुंचीं। इनमें बलुआ थाना सबसे आगे रहा, जहां पांच मामले दोबारा आए। इलिया में दो और धीना में एक मामला दोबारा पहुंचा। इन मामलों में पुलिस फिर से काउंसलिंग और कानूनी कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पहले घरेलू विवाद लेकर थाने आने से महिलाएं कतराती थीं। अब मिशन शक्ति अभियान और महिला हेल्प डेस्क के कारण वे खुलकर अपनी बात रख रही हैं। महिला पुलिसकर्मियों से पीड़ित महिलाएं सहजता से अपनी समस्या बताती हैं।
छह महीने का विवरण
कार्रवाई
संख्या
कुल शिकायतें
2268
सुलह-समझौते से निस्तारण
1670
प्राथमिकी दर्ज
199
निरोधात्मक कार्रवाई
385
लंबित मामले
14
दोबारा शिकायतें पहुंचीं
बलुआ थाना – 5 मामले
इलिया थाना – 2 मामले
धीना थाना – 1 मामला
कोट
महिला हेल्प डेस्क पर ज्यादातर शिकायतें पारिवारिक कलह और घरेलू हिंसा की आ रही हैं। पहले प्रयास किया जाता है कि काउंसलिंग और बातचीत के जरिए विवादों का निपटारा हो जाए। समाधान नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। - आकाश पटेल, एसपी, चंदौली