चंदौली। जिले में नीति आयोग के मानकों पर बेहतर कार्य हुआ है। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और स्वरोजगार को काफी बढ़ावा मिला है। इसी के चलते आकांक्षात्मक जिले में चयनित चंदौली देश के शीर्ष दस जनपदों में शामिल हुआ।
कृषि के क्षेत्र में जिले में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। जिले के किसानों के द्वारा उत्पादित काला चावल ने पूरे देश में चंदौली की पहचान को बढ़ाया। पीएम नरेंद्र मोदी भी चावल में मौजूद पौष्टिक तत्वों की तारीफ कर चुके है। वहीं कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेहतर उपचार तथा मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं के चलते मुकाम हासिल की। वहीं प्रसव, कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य सुधार में काफी प्रगति हुई है। इसके अलावा स्वरोजगार के क्षेत्र में जिले की स्थिति अन्य जनपदों से काफी बेहतर है। यहां करीब 95 हजार महिलाएं स्वयं सहायता समूह गठित करके अपने परिवार का भरण पोषण करने के साथ उचित आय अर्जित कर रही है। कई स्कूलों में स्मार्ट और अग्रेजी की कक्षाएं संचालित हो रही है। इसके अलावा एप के माध्यम से बच्चों को स्मार्ट फोन पर शिक्षकों के द्वारा पढ़ाया जा रहा है। जो अन्य जनपदों की अपेक्षा काफी बेहतर माना जा रहा है। सीडीओ अजितेंद्र नारायण ने बताया कि नीति आयोग की रैंकिंग में जिला देश के टापटेन लिस्ट में शामिल हुआ है। यहां शिक्षा, कृषि, स्वरोजगार, स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी कार्य किए गए है। आगे भी इसे बेहतर बनाने के लिए कार्ययोजना के अनुसार कार्य कराए जाएंगे।
रिपोर्ट रविकांत सिंह