चंदौली जिले के कमालपुर थाना क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने इंकार किया तो धानापुर विकास क्षेत्र के गौसपुर ग्रामसभा के मड़ैया मजरा के लोगों ने बृहस्पतिवार को आपसी सहयोग से पांच सौ मीटर चकरोड का निर्माण शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने चकरोड बनाने का कार्य हेतमपुर ताल से आरंभ किया। चकरोड बनाने की खूब चर्चा हो रही है।
मड़ैया गांव के लोगों के अधिकांश खेत हेतमपुर ताल क्षेत्र में हैं। चकरोड न होने से खेत की जुताई से लेकर अनाज लाने में किसानों को काफी असुविधा होती है। खेत के बीच से ही ट्रैक्टर आने जाने से फसल बर्बाद होती है। पहले किसानों ने हेतमपुर की ग्राम प्रधान अनीता यादव से चकरोड बनाने का निवेदन किया तो उन्होंने असमर्थता व्यक्त कर दी।
कहा कि मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों की संख्या व धन की कमी के कारण वे इस कार्य को करवा पाने में सक्षम नहीं हैं। वहीं पास की गौसपुर के ग्राम प्रधान पंचम सोनकर ने भी मामला दूसरे ग्रामसभा का होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
अंत में ग्रामीणों ने खुद चकरोड बनाने का संकल्प लिया और एक मई को सर्वसम्मति से चंदा एकत्र किया गया। इसके बाद दो मई, शनिवार से चकरोड का निर्माण शुरू कर दिया। गांव के अवकाश प्राप्त सैनिक जंगबहादुर यादव, अध्यापक गोविंद यादव सहित लालबहादुर यादव, विजय बहादुर, नरेंद्र प्रताप, मूलचंद्र यादव, बालकिशुन विश्वकर्मा, जय सिंह, संकठा यादव, नामवर, रामायण यादव, राधेश्याम यादव ने चकरोड निर्माण में सहायता प्रदान की। बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए चकरोड का निर्माण कराया जा रहा है। चकरोड बनाने में कमलेश यादव, प्रेम स्वरूप, राजनाथ यादव, हरीपाल यादव, राजेश यादव,योगेंद्र यादव, उमेश यादव, गुरुप्रकाश यादव, अमन यादव, धीरेंद्र बुल्लू, उदयनाथ यादव, उपेंद्र यादव, अमित यादव आदि ने सहयोग दिया।
बीडीओ सुशील कुमार मिश्रा ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद गांव की नक्शे को देखने के बाद वहां काम होगा। ग्रामीणों ने स्वेच्छा से जो कार्य किया है उसको रुकवाकर अब मनरेगा से काम कराया जाएगा।