पीडीहीयू नगर। ज्ञान की देवी माता सरस्वती की बुधवार को विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाएं विसर्जित की गईं। बुधवार को पूजा समितियों की ओर से मां सरस्वती की झांकी निकाली गई। लोगों ने नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए सरोवरों पर पहुंचकर मां सरस्वती की प्रतिमाओं को विसर्जित किया। विसर्जन जुलूस को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
प्रतिमाओं का विसर्जन बीते मंगलवार को भी किया गया। जिले में 612 स्थानों पर मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई थी। विधि-विधान से पूजा के बाद मंगलवार से प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया। पूजा समितियों ने मां सरस्वती की पूजा की। इसके बाद विभिन्न वाहनों पर प्रतिमाएं रखकर बाजे के साथ विसर्जन जुलूस निकाला। एक-दूसरे पर अबीर-उड़ाते हुए और माता के जयकारे लगाते हुए डीजे की धुन पर नाचते गाते लोगों ने क्षेत्र में भ्रमण किया। महिलाओं ने मां सरस्वती का विशेष शृंगार कर विदाई दी। नगर के मानसरोवर तालाब, मानस नगर, माल गोदाम पोखरा, दामोदरदास पोखरा, गंगा नहर पुल, आलू मिल आदि स्थानों पर देर शाम तक प्रतिमाएं विसर्जित की गईं। उधर, नगर के चतुर्भुजपुर, काली महाल, रविनगर, कैलाशपुरी सहित विभिन्न इलाकों से भी विसर्जन जुलूस निकाले गए। क्षेत्र में भ्रमण कर सरोवरों में मां सरस्वती की प्रतिमाओं का लोगों ने विसर्जन किया। नौगढ़ क्षेत्र के श्री सरस्वती पूजा समिति नौगढ़ कमेटी की ओर से भी मां सरस्वती की पूजा के बाद बुधवार को प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इससे पहले ग्रामीणों को पूरी, सब्जी व हलवा का प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान देवानंद, पिंटू केसरी, मनोज केसरी, सुमित, मोनू केसरी आदि मौजूद रहे।