मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के माध्यम से इस साल जिले में 50 एकड़ में संकर शाक भाजी की खेती का लक्ष्य तय किया गया है। इसके तहत भिंडी, टमाटर, कद्दू, लौकी, खीरा, शिमला मिर्च आदि सब्जियों की खेती की जाएगी। इसके लिए किसानों को सरकार की ओर से 24 हजार प्रति हेक्टेयर के हिसाब से अनुदान दिया जाएगा।
योजना का उद्देश्य उन्नत किस्म (हाइब्रिड बीजों) की खेती से उत्पादन बढ़ाना, क्लस्टर बनाकर किसानों की आमदनी को दोगुना करना है। सामान्य वर्ग के लिए 40 और एससी-एसटी के लिए 10 हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए किसानों के पास अपनी जमीन होनी चाहिए। प्रति हेक्टेयर 24 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। पात्र किसानों का चयन प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर किया जाएगा। इस योजना से पारंपरिक फसलों की खेती करने वाले छोटे और मध्यम किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
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सब्जी उत्पादन को मिलेगा प्रोत्साहन
अब तक अनुदान योजनाओं का लाभ मुख्य रूप से फल उत्पादन, बागवानी या कुछ चयनित फसलों पर ही मिलता था। अब सरकार ने सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शाक-भाजी को भी इस योजना में शामिल किया है। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर सब्जियों की उपलब्धता भी बेहतर होगी।
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मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। शाक भाजी की खेती के लिए किसानों को आर्थिक सहायता के साथ बीज और कैरेट (क्रेट) भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उत्पादन और विपणन में किसानों को सहूलियत होगी। - डॉ. शैलेंद्र देव दूबे, जिला उद्यान अधिकारी, चंदौली।