गोष्ठी में बोलते एसडीएम सत्येंद्र सिंह।
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क्षेत्र के सेमरा गांव स्थित संत अल हनीफ एजुकेशनल सेंटर मे चल रहे सात दिवसीय प्रभावोत्पादक शिक्षा पर कार्यशाला के अंतिम दिन पंडित मदन मोहन मालवीय के जीवन पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें पंडित जी के जीवन मूल्यों और कृतियों पर चर्चा की गई। इस दौरान उन्हें आधुनिक विचारधारा का शिक्षाविद बताया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में आए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के निदेशक एकेडमिक स्टाफ कालेज प्रो. एआर किदवई ने कहा कि पाश्चात्य शिक्षा प्रणाली की श्रेष्ठता का रहस्य वहां के अध्यापकों की प्रतिबद्धता व अध्यापन के प्रति कर्तव्य निष्ठा है। अध्यापक को मानवीय गुणों से परिपूर्ण होना चाहिए। पंडित जी पर चर्चा करते हुए कहा कि भारत रत्न पंडित मदन मोहन मोलवीय आधुनिक विचार धारा के शिक्षाविद् थे।
उन्होंने देश के विकास के लिए शिक्षा को हथियार बनाया और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की। इस दौरान बीएचयू के विभिन्न प्रोफेसरों ने अपने विचार व्यक्त किए। उद्घाटन सत्र में जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे एसडीएम मुगलसराय सत्येन्द्र सिंह ने कहा कि किसी भी देश के विकास के लिए शिक्षा महत्वपूर्ण हैं।
शिक्षित नागरिक ही शिक्षित देश का निर्माण करते हैं। शिक्षा के प्रसार में अध्यापकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। विशेषकर उच्च शिक्षा में जहां, नागरिकों का निर्माण होता है। शैक्षिक काल किसी भी युवा के लिए जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यहां से जैसी शिक्षा मिलेगी, वह वैसा ही नागरिक बनेगा। गोष्ठी में प्रोफेसर विवेक मोहन, प्रोफेसर आकूब यावर, प्रोफेसर सदानंद शाही, प्रोफेसर आरिफ, समीर पाठक, रिफत जमाल आदि ने विचार व्यक्त किए। इस दौरान काफी लोगों की मौजूदगी रही। संचालन डॉ. आफताब आफाकी और आभार विद्यालय के निदेशक हाजी वसीम अहमद ने जताया।