पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर सोमवार की रात आरपीएफ, एसोसिएशन फॉर वॉलेंटरी एक्शन और चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम ने भागलपुर-सूरत सुपरफास्ट एक्सप्रेस में तस्कर से 6 बच्चों को मुक्त कराया। मानव तस्करी के आरोप में झारखंड निवासी दिनेश को गिरफ्तार किया। दिनेश बच्चों को बहला-फुसलाकर झारखंड से गुजरात के वडोदरा में सोलर प्लांट में काम कराने ले जा रहा था।
आरपीएफ निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि मानव तस्करी रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत गाड़ी संख्या 22948 भागलपुर-सूरत सुपरफास्ट एक्सप्रेस के जनरल कोच में जांच की गई। इस दौरान छह नाबालिग सहमे दिखे। पूछने पर बच्चों बताया कि वे सभी काम करने के लिए गुजरात के वडोदरा जा रहे हैं और उनके साथ एक युवक भी है। संदेह होने पर टीम ने सभी नाबालिगों और साथ चल रहे युवक को ट्रेन से उतारकर आरपीएफ पोस्ट लाया। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे झारखंड के गोड्डा जिले के रहने वाले हैं। वहीं आरोपी युवक ने अपना नाम दिनेश मंडल निवासी गोड्डा बताया। आरपीएफ की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एसोसिएशन फॉर वॉलेंटरी एक्शन की चंदा गुप्ता ने बताया कि आरोपी किशोरों को वडोदरा में सोलर प्लांट पर मजदूरी कराने के लिए ले जा रहा था। जहां बच्चों को रोजाना 12 घंटे काम कराता। उसने बच्चों को प्रति माह 18 हजार रुपये देने का झांसा दिया था। आरोपी को मुगलसराय कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है। सभी नाबालिगों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने के लिए रेलवे चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया है।ट्रेनों के जरिये बाल मजदूरी के लिए नाबालिगों की तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। 12 मार्च को भी एसोसिएशन फॉर वॉलेंटरी एक्शन, आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने तीन अलग-अलग ट्रेनों से छह नाबालिगों को पकड़ा था। हालांकि उस दौरान कोई तस्करी का आरोपी पकड़ा नहीं जा सका था। चंदा गुप्ता के अनुसार, गांधीधाम एक्सप्रेस, सीमांचल एक्सप्रेस और अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस में दो-दो नाबालिग पकड़े गए थे। इनमें चंदौली, झारखंड और बिहार के किशोर शामिल थे, जिन्हें सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया गया है।