चौधरी की मौत के बाद उसके परिवार के भरण पोषण का मामला गहरा गया। मजदूरी कर अपने परिवार को पालने वाले चौधरी की मौत के बाद उसकी पत्नी और उसके पांच बच्चों का भरण पोषण कैसे होगा यह सोचकर लोग परेशान हैं।
मृतक चौधरी के सात बच्चों में पांच लड़कियां और दो लड़के हैं।
बड़ी दो लड़कियों ममता और तारा की शादी हो चुकी है जबकि संगीता (14), विजय (12), अनिता (09), रोहित (07) और सविता (05) की जिम्मेदारी चौधरी पर ही थी। पिता का साया सर से उठ जाने के कारण अब बच्चों के भरण पोषण की जिम्मेदारी मां बेचनी देवी पर आ गई है। बड़ा बेटा मात्र बारह वर्ष का ही है।
लोगों में अब इस बात की चिंता सताने लगी है कि आखिर गरीब के पांच बच्चों के भरण पोषण की जिम्मेदारी कौन उठाएगा? दूसरी ओर विजय ने बताया कि अगर पापा शराब के आदि न होते तो आज हमलोगों को यह दिन नहीं देखना पड़ता। अब हमलोगों को अपनी जीविका चलाने के लिए मजदूरी के सिवाय और कोई रास्ता नहीं बचा। मजदूरी ही करनी पड़ेगी।