कच्ची शराब से बीमार चौधरी बिंद (50) की भी उपचार के दौरान शनिवार की भोर में मौत हो गई। इससे नाराज लोगों ने शराब की बिक्री रोकने और पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के लिए सुबह आठ बजे बबुरी-मुगलसराय मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर गिरीश कुमार व क्षेत्राधिकारी प्रमोद कुमार यादव ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया।
कच्ची शराब पीने से नदेसर गांव के जवाहिर बिंद (35) की बुधवार को मौत हो गई थी। जवाहिर के साथ ही चौधरी बिंद ने भी शराब पी थी। चौधरी की निजी चिकित्सालय में उपचार के दौरान शनिवार की भोर में मौत हो गई।
मौत की जानकारी होते ही गुस्साए ग्रामीणों ने शव को चकिया-मुगलसराय मार्ग पर नियामताबाद नहर के समीप रखकर सड़क जाम कर दिया। सूचना पर अलीनगर थानाध्यक्ष विनोद कुमार यादव मय फोर्स मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की।
तब ग्रामीण पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सूचना पर लगभग दो घंटे बाद पहुंचे उपजिलाधिकारी सदर और क्षेत्राधिकारी सदर प्रमोद कुमार यादव ने ग्रामीणों को शांत कराया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दस दिनों में हुई चार मौतों के बाद भी प्रशासन कच्ची शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने में सफल नहीं हुआ है।
कहा कि लगातार क्ष्ाेत्र में शराब बनाई जा रही है लेकिन पुलिस ऐसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास न कर उन्हें बढ़ावा देने में लगी है। -संबंधित खबरें पेज सात