नवीनतम सर्वे के अनुसार मुगलसराय स्टेशन को सर्वाधिक गंदगी वाले स्टेशनों में शुमार किया गया है। इसके पहले भी स्टेशन को देश के सबसे गंदे स्टेशनों में माना गया था। जबकि इस स्टेशन की साफ सफाई के लिए विधिवत मई के अंतिम सप्ताह में रेल हमसफर सप्ताह अभियान चल चुका है। सर्वे के नतीजे यह बताने के लिए काफी हैं कि स्टेशन पर साफ सफाई के लिए कितना ध्यान दिया जा रहा है। जबकि इस मसले को अमर उजाला ने भी विगत 27 जून और 13 जुलाई को अखबार में प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। बावजूद इसके स्टेशन पर स्वच्छता के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में सफाई अभियान की शुरुआत 02 अक्तूबर 2014 को की थी। इसका सबसे ज्यादा शोर रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला। सफाई अभियान को तेज करने लिए जगह-जगह डीआरएम स्तर के अधिकारियों ने हाथ में झाड़ूू उठाए। इसी क्रम में तत्कालीन डीआरएम विद्याभूषण समेत मंडल के सभी अधिकारियों ने रेलवे स्टेशन से लेकर कॉलोनियों की सड़कों पर झाड़ू लगाये । यहां तक कि बीजेपी से सांसद व वर्तमान मानव संसाधन एवं विकास राज्य मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय में भी मुग़लसराय रेलवे परिसर में झाड़ूू लगाया था। इसका कितना असर पड़ा, मई माह में रेलवे बोर्ड द्वारा कराए गए सर्वे रिपोर्ट में मुग़लसराय रेलवे स्टेशन को सबसे गंदे रेलवे स्टेशन के मामले में दूसरा स्थान से जोड़कर देखा जा सकता है। हालांकि इसी बीच स्टेशन, सर्कुलेटिंग एरिया, यार्ड की सफाई के लिए करोड़ों रुपये का ठेका दे दिया गया। महंगी मशीन, झाड़ूू और तमाम सामान खरीदे भी गए। कुछ दिन कार्य हुआ, अधिकारी भी दिखाई दिए, लेकिन बाद में सब कुछ पहले जैसा हो गया। इसके बाद 26 मई 2016 से 01 जून 2016 तक मंडल में हमसफ़र सप्ताह मनाया गया। जिसके तहत भी सफाई के लिए अभियान चलाया गया। फिर से एक दिन के लिए रेलवे मंडल के अधिकारियों ने झाड़ूू लगाए। इस बार इनका नेतृत्व डीआरएम किशोर कुमार ने किया। शाखाधिकारियों संग डीआरएम किशोर कुमार ने सर्कुलेटिंग एरिया से आगे बढ़कर प्लेटफार्म तक भी झाड़ूू लगाया।