पीडीडीयू नगर। प्रदेश सरकार पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा बेहतर करने के दावे कर रही है। दूसरी तरफ जिले में अस्पतालों की स्थिति बदहाल है। अधिकतर अस्पतालों में चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों का अभाव है। कोरोना काल में अधिकतर चिकित्सकों की ड्यूटी कोरोना अस्पताल में लगा दी गई है। ऐसे में अन्य अस्पतालों में सामान्य मरीजों के लिए चिकित्सक ही नहीं मिल रहे हैं। साथ ही तमाम अस्पतालोें जांच मशीनें नहीं हैं।
जिले में 21 लाख की आबादी पर चंदौली और चकिया में दो जिला अस्पताल, चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 23 नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 248 उप स्वास्थ्य केंद्र, पीडीडीयू नगर में दो अर्बन हेल्थ सेंटर हैं। सरकारी अस्पतालों में 107 चिकित्सक तैनात हैं। स्वास्थ्य विभाग की माने तो अभी जिले में 25 चिकित्सकों की कमी है। कोरोना काल में बड़ी संख्या में चिकित्सक कोरोना संक्रमित हैं वहीं अधिकतर की ड्यूटी कोरोना अस्पताल में लगा दी गई है। ऐसे में अन्य अस्पतालों में चिकित्सक ही नही हैं।
जिले में 61 प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की और जरूरत है। यदि इन अस्पतालों का निर्माण हो जाए तो जिले में करीब 125 चिकित्सकों की और जरूरत होगी। जिले में संचालित सीएचसी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकीय सुविधाओं का अभाव है। कहीं डाक्टर नहीं तो कहीं सहायक नहीं है। दवाएं उपलब्ध नहीं है। इस वजह से सरकारी अस्पतालों में लोगों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में एक तरफ कोरोना से लोग बेहाल हैं तो दूसरी तरफ अन्य बीमारियों की स्थिति में भी इलाज के लिए लोगों को निजी अस्पतालों पर आश्रित होना पड़ रहा है।