स्थानीय जिला संयुक्त चिकित्सालय आधुनिक बेड सिस्टम से सुसज्जित हो गया है।
जिले का यह पहला अस्पताल है जिसके सभी बेड नवीनतम चिकित्सा प्रणाली से
जोड़े गए हैं।
इसके अतिरिक्त 15 ऐसे बिस्तरों से अस्पताल जुड़ा है।
ये बेड मूविंग होंगे तथा अस्पताल या अस्पताल से बाहर तक आसानी से ले जाए
जाने वाले होंगे। जिससे स्ट्रेचर की कमी नहीं खलेगी।
अस्पताल
के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट इस सुविधा से मरीजों को फायदा पहुंचने को लेकर
आश्वस्त नजर आते हैं। वर्ष 2001 में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री
राजनाथ सिंह के प्रयासों से स्वीकृत जिला संयुक्त चिकित्सालय संभवत प्रदेश
के जिलों में ऐसा चिकित्सालय है जो तहसील स्तर पर बना है। 100 बेड के इस
अस्पताल की बहुखंडीय बिल्डिंग सभी को आकर्षित करती है।
उत्तर प्रदेश
चिकित्सा निदेशालय के यहां भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर अस्पताल को हाल में
ही अत्याधुनिक बेड सिस्टम से आच्छादित किया गया है। अस्पताल के सभी बेड नए
हैं तथा मरीज की सुविधा अनुसार सिर या पैर की तरफ से उपर नीचे उठाए जा
सकते हैं।
इसके लिए आक्सीजन टैंक की स्थापना चिकित्सालय के एक कक्ष में की
गई है। वहीं मरीजों के गले में कफ या बलगम की मात्रा बढ़ने पर गला साफ करने
की गैस को भी हर बेड पर पाइपलाइन से पहुंचाने का सिस्टम भी लगा दिया गया
है।
अस्पताल के सूत्र बताते हैं कि चंदौली जिला मुख्यालय के कमलापति जिला
संयुक्त चिकित्सालय में भी यही सुविधा दी गई है। लेकिन अभी तक वहां सुविधा
को लागू नहीं किया जा सका है। अस्पताल के वार्डों में बिछाए गए बेडों के
अतिरिक्त 15 बेड ऐसे होंगे जिनको वार्ड के साथ आपरेशन थियेटर, पैथोलाजी
सहित कहीं भी आसानी से ले जाया सकता है। जिससे मरीज को स्ट्रेचर पर ले जाने
की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. छोटेलाल कहते
हैं कि अस्पताल को आधुनिक बेड सिस्टम से जोड़े जाने के बाद इस गरीब
क्षेत्र में चिकित्सा के नए आयाम स्थापित होंगे तथा मरीजों को फायदा
पहुंचेगा।