पीडीडीयू नगर में आयोजित काव्य गोष्ठी में उपस्थित लोग। स्रोत:-जागरूक पाठक
पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के राजभाषा विभाग की ओर से शुक्रवार की शाम राजभाषा सप्ताह के समापन 33 रेल कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि मंडल रेल प्रंबंधक उदय सिंह मीना ने कहा कि हिंदी और भारतीय रेल देश को एक कड़ी में जोड़ रही है।
यूरोपियन कॉलोनी में बाकले अधिकारी क्लब में आयोजित समारोह में डीआरएम ने कहा कि भारत में अनेक भाषाएं बोली और लिखी जाती हैं। संविधान में हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला है। रेडियो, टेलीविजन और सिनेमा जैसे विभिन्न माध्यमों में भी इसका व्यापक प्रयोग होता है। भारतीय रेल जिस प्रकार देश के विभिन्न हिस्सों को आपस में जोड़ती है, उसी प्रकार हिंदी भी विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच संवाद और मेलजोल बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाती है।
उन्होंने राजभाषा सप्ताह के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेता 12 कर्मचारियों और हिंदी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 21 कर्मचारियों को पुरस्कृत किया। अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी कुलदीप ने कहा कि हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं आयोजित की गईं। इस दौरान महिला कल्याण संगठन की मंडल अध्यक्ष चित्रा सिंह और राजभाषा अधिकारी राजेश कुमार आदि थे।
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हिंदी हिंद की है बिंदिया, सुशोभित है ललाट पर...
पीडीडीयू नगर। राजभाषा सप्ताह के समापन पर शुक्रवार की शाम काव्य गोष्ठी हुई। इसमें रेल कर्मियों ने अपनी रचनाओं से खूब वाहवाही लूटी। पूर्व वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी दिनेश चंद्र ने हिंदी हिंद की है बिंदिया, सुशोभित है ललाट पर... सुना कर हिंदी की महत्ता समझाई। काव्य गोष्ठी में मंडल के सहायक कार्मिक अधिकारी सुमित चटर्जी, विनोद कुमार, प्रिंस कुमार, नरेंद्र कुमार ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।