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आयुर्वेद अस्पतालों में उगाई जाएंगी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां

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आयुर्वेद अस्पतालों में उगाई जाएंगी जड़ी-बूटियां
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जिले के 11 आयुर्वेद अस्पतालों को किया जा रहा विकसित
ग्रामीणों को आयुर्वेदिक पौधों से रोजगार से जोड़ने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
पीडीडीयू नगर। कोरोना काल में आयुर्वेदिक दवाओं की उपयोगिता और संक्रमण में कारगर को देखते हुए अब जिले के आयुर्वेदिक अस्पतालों में जड़ी-बूटियां उगाई जाएंगी। आयुुर्वेदिक पौधों को अस्पताल परिसर में हर्बल गार्डेन के रूप में विकसित किया जाएगा और इसकी टैगिंग कराई जाएगी। आयुर्वेद विभाग ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। साथ ही आसपास के ग्रामीणों को इसके बारे में जानकारी और महत्व के बारे में बताया जाएगा। ताकि वह खेती कर इससे आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें।
आयुर्वेद के महत्व को देेखते हुए आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में संचालित 25 से अधिक आयुर्वेद अस्पतालों में से 11 अस्पतालों को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में चयनित किया गया है। इसमें शहाबगंज, नौगढ़, बसाढ़ी, सिकंदरपुर, भुजना सहित 11 अस्पतालों की मरम्मत के साथ ही वहां परिसर में आयुर्वेद के पौधे लगाए जाएंगे। इसमें नीम, सतावर, एलोवेरा, सुगंधा, गिलोय, घृतकुमारी, जामुन और नीम सहित अन्य जड़ी-बूटियों के पौधे लगाए जाएंगे। इन पौधों की जियो टैगिंग भी की जाएगी। साथ ही आसपास के ग्रामीणों को इसके महत्व के बारे में बताया जाएगा। ताकि वहां के लोगों को इसकी खेती के लिए प्रेरित कर रोजी रोजगार से जोड़ा जा सके। इसके लिए जल्द ही एक टीम नौगढ़ सहित अन्य अस्पतालों का निरीक्षण करेगी। इसके बाद पौधों को लगाने का काम शुरू होगा।
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इनसेट
उद्योग विभाग भी इस काम में जुटा
पीडीडीयू नगर। नक्सल क्षेत्र में लोगों को रोजी रोजगार देने के लिए उद्योग विभाग भी जुट गया है। नौगढ़ और चकिया क्षेत्र में 15 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर आयुर्वेदिक खेती की तैयारी कर रहा है। इस क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करेगा। वहीं औषधीय खेती के लिए उद्यान विभाग इसके लिए अनुदान भी देने की तैयारी में है।
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कोट..
जिले के 11 आयुर्वेदिक अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना के तहत हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में तैयार किया जा रहा है। इन अस्पतालों के परिसर में आयुुर्वेदिक जड़ी-बूटियां उगाई जाएंगी। साथ ही स्थानीय लोगों को इससे जोड़कर खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिससे लोग रोजी-रोजगार से जुड़ सकें। डॉ. भावना द्विवेदी, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी, वाराणसी।
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