अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम विरोध दिवस के अवसर पर रविवार को मुंसिफ कटरा स्थित श्रम विभाग के कार्यालय पर गोष्ठी हुई। इसमें वक्ताओं ने बाल श्रम को एक कुप्रथा बताया और इसमें सरकारी प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए इस कुप्रथा को समाप्त करने के लिए सहयोग का आह्वान किया।
इस मौके पर सपा मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष सूर्यनाथ यादव ने कहा कि बाल श्रम के कारण तमाम ऐसे बच्चे हैं जिनका बचपन छिन चुका है। प्राय: होटल, ढाबों, चाय की दुकानों समेत तमाम निजी प्रतिष्ठानों व संस्थानों पर बच्चों से काम कराया जा रहा है। बच्चों से काम कराना कानूनन अपराध है। हम सभी को दृढ़ संकल्पित होना होगा कि बच्चों से श्रम न कराएं और ना ही दूसरों को ऐसा करने दें। जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि बाल श्रम को रोकने के लिए सरकार की ओर से तमाम कवायदें की जा रही हैं, लेकिन इसे पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए आम जन का सहयोग बहुत जरूरी है। जब तक लोगों की सोच नहीं बदलेगी, इस कुप्रथा को पूरी तरह से समाप्त कराना मुश्किल है। इसके अतिरिक्त चकिया ब्लाक से आए 50 श्रमिकों का पंजीयन भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत किया गया। इस मौके पर रामप्यारे यादव, सीटू, गनेश विश्वकर्मा, प्रमोद पांडेय, गुलाब चन्द आदि उपस्थित रहे।