फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त करने की कवायद के तहत नगर पालिका की तरफ से इन जिनों फुटपाथ पर रेलिंग लगाई जा रही है। जिससे रेलिंग के भीतर ही ठेले-खोमचे वाले रहें। लेकिन कई बड़े दूकानदारों के सामने रेलिंग न लगाए जाने से छोटे व फुटपाथ के कारोबारियों में नाराजगी है। ऐसे लोगों का कहना है कि नगर पालिका के बनाए मानक सबके लिए बराबर होने चाहिए।
नगर पालिका इन दिनों नगर के सौंदर्यीकरण पर लाखों रुपये खर्च कर रही है। जीटी रोड पर आवागमन को सुचारु रखने व फुटपाथ पर राहगीरों को चलने के लिये पाथवे पर रेलिंग लगाई जा रही है। जीटी रोड पर दोनों पटरी के किनारे दूकानें स्थित हैं। रेलिंग लग जाने से दूकानदारों के अलावा ग्राहकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। दूकानदारों का कहना है कि रेलिंग लग जाने से सामान लाने ले जाने में परेशानी हो रही है। वहीं वाहन व अन्य साधन दूकान के पास तक नहीं पहुंच पाते हैं। सामान उतारने के लिये वाहनों को सड़क पर खड़ा करना पड़ता है। जिससे सड़क पर कुछ समय के लिये जाम की स्थिति हो जाती है। बहुत से लोग आकर रेलिंग पर बैठ जाते हैं जिससे उन्हें परेशानी होती है। जबकि सुभाष पार्क के सामने दूसरी पटरी के किनारे कुछ प्रतिष्ठानों के सामने रेलिंग नहीं लगाया गया है। जबकि उसी पटरी के आगे व पीछे रेलिंग लगा दी गयी है। लोगों का कहना है कि नगर पालिका आखिर दो तरह के मानक क्यों अपना रही है।