जिले में हनुमान जयंती धूमधाम से मनाई गई। बजरंग बली के दर्शन पूजन के लिए मंदिरों में भक्त उमड़े। इस दौरान पवन सुत की मनोहर छवि देखकर भक्त निहाल हो गए। विधि विधान से बजरंग बली की भव्य आरती उतारी गई। नगर के नई सट्टी स्थित दुर्गा हनुमान मंदिर पर वार्षिक शृंगार किया गया और शाम के वक्त भव्य आरती उतारी गई। रामचरित मानस संघ की ओर से दो दिवसीय श्रीहनुमान जन्मोत्सव और रामचरित मानस संघ के दो दिवसीय वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन मंदिर पर चल रहे अखंड रामायण पाठ का समापन हुआ। सुबह में बजरंग बली, माता दुर्गा सहित अन्य देवी देवताओं की षोडशोपचार विधि से पूजन अर्चन किया गया और हवन किया गया। शृंगार के बाद बजरंग बली सहित अन्य अन्य देवी देवताओं के दर्शन के लिए लोगों की कतार लगी।
शाम को दो घंटे तक हनुमत नाम महायज्ञ हुआ और हनुमान जी के जयकारे लगाए गए। शाम सात बजे महाआरती के लिए भक्त एकत्र हुए। शाम साढ़े सात बजे सैकड़ों भक्तों ने सामूहिक रूप से हनुमानजी की महाआरती उतारी। घंट घड़ियाल के बीच आरती से माहौल भक्तिमय रहा।
इसके बाद भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इससे पहले सुबह से पहुंचे भक्तों ने दर्शन पूजन के बाद सुंदर कांड, हनुमत स्तवन, बजरंग बाण, हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके पूर्व मंदिर को फूल माला, विद्युत झालर और गुब्बारों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। यहां लाउडस्पीकर और साउंड बाक्स पर भक्तिगीतों का प्रसारण किए जाने से माहौल भक्तिमय रहा। कई मंदिरों में रात में भी भजन कीर्तन के कार्यक्रम चलते रहे।